किडनी की बीमारियां
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जहरीली हवा का असर
अगर आपके शहर में प्रदूषण है तो आप उसकी चपेट में आने से बच नहीं सकते क्योंकि सांस तो आप उसी हवा में लेंगे। हां, घर के भीतर कुछ हद तक सुरक्षा मिल सकती है लेकिन पूरे समय घर में बन्द तो नहीं रहा जा सकता। बाहर निकलते ही हवा में मौजूद धुएं और धूल के साथ मिले हुए हानिकारक व प्रदूषण युक्त कण सांस के साथ शरीर में जा सकते हैं। इनमें से कुछ तो इतने जहरीले हो सकते हैं कि वे खतरनाक बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
अगर आप ज्यादा समय तक निरन्तर इस प्रदूषण के सम्पर्क में रहते हैं तो दिल की बीमारियों, स्ट्रोक, कैंसर, अस्थमा, क्रॉनिक पल्मोनरी डिसीज आदि की आशंका बढ़ सकती है और इसका किडनी यानी गुर्दों पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। प्रदूषित हवा क्रॉनिक किडनी डिसीज का कारण भी बन सकती और इसकी वजह से किडनी फेलियर का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। चूंकि भारत में पिछले कुछ सालों में डायबिटीज भी एक महामारी की ही तेजी से बढ़ी है, ऐसे में किडनी को होने वाले नुकसान की कल्पना करना ही डरा देता है।