राजधानी दिल्ली-एनसीआर में जारी वायु प्रदूषण को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी चिंताकारक मान रहे हैं। सोमवार को भी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 'बेहद गंभीर' स्थिति में दर्ज किया गया। हवा की खराब गुणवत्ता का लोगों की सेहत पर सीधा असर देखा जा रहा है। अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित अस्पताल में आपातचिकित्सा विभाग के डॉ विक्रमजीत सिंह बताते हैं, इन दिनों आईसीयू में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिन लोगों को पहले से ही सांस की बीमारी है उनके लिए इस तरह का दूषित वातावरण बेहद नुकसानदायक माना जा रहा है, वहीं कई नए रोगियों में सांस की समस्या, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के मामलों का निदान किया जा रहा है।
डॉ विक्रमजीत बताते हैं, प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने वालों में सांस की बीमारियों का खतरा सबसे अधिक रहता है। इसके अलावा यह वातावरण त्वचा, आंख, हृदय और अन्य कई अंगों के लिए भी दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकती है।
प्रदूषित हवा के कारण ब्रोन्कियल ट्यूबों (फेफड़ों तक जाने वाले वायुमार्ग) के अस्तर में सूजन की समस्या देखी जा रही है, जो ब्रोंकाइटिस का कारण बनती है। वायु प्रदूषण के कारण यह खतरा सभी उम्र के लोगों को हो सकता है, इसलिए बचाव के उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है। आइए इस बीमारी के बारे में जानते हैं।