देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर लोगों में डर का माहौल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो वैक्सीनेशन, तीसरी लहर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। तीसरी लहर तक जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हो पाएगा उनमें गंभीर संक्रमण का खतरा हो सकता है। देश में फिलहाल 18 साल से ऊपर के सभी लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। चूंकि बच्चों पर टीकों का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है ऐसे में 18 साल से कम आयु के लोगों के लिए तीसरी लहर को ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।
इस बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के हालिया बयान से लोगों में नई उम्मीद जगी है। डॉ गुलेरिया ने उम्मीद जताई है कि सितंबर-अक्टूबर तक बच्चों की वैक्सीन को मान्यता मिल सकती है, जिसके बाद 18 साल से कम आयु वालों को भी टीके दिए जाने की शुरुआत हो जाएगी। डॉ गुलेरिया ने कहा, कोरोना महामारी को रोकने का सबसे प्रभावी हथियार, वैक्सीनेशन को ही माना जा सकता है।