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कोरोना की वैक्सीन और दवा पर आई अच्छी खबरें, इन 7 अपडेट से जानें- कितना आगे पहुंचे हम

Sat, 13 Jun 2020 10:59 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Vaccine India - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस का बढ़ता संक्रमण दुनियाभर के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। विशेषज्ञ कोरोना की दूसरी लहर के प्रति सावधान कर रहे हैं और दुनियाभर में लोग सशंकित हैं। देश में कोरोना अभी चरम पर नहीं पहुंचा है, इसके बावजूद संक्रमण बहुत ही तेजी से फैल रहा है। राहत की बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग ठीक होकर अस्पतालों से अपने घर जा रहे हैं। अच्छी खबर यह भी है कि कोरोना की वैक्सीन तैयार करने को लेकर लगातार सकारात्मक प्रगति हो रही है और चल रहे परीक्षणों के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। लोगों को कोरोना की वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। आइए जानते हैं वैक्सीन की प्रगति पर ताजा स्थिति क्या है। 
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
सेप्सिस की दवा का कोरोना पर ट्रायल
  • देसी कंपनी भारत सीरम एंड वैक्सीन्स लिमिटेड (BSVL) अपने जेनेरिक ड्रग Ulinastatin का कोरोना मरीजों के लिए ट्रायल शुरू करेगी। यह दवा सांस और फेफड़े संबंधी गंभीर बीमारी सेप्सिस के लिए इस्तेमाल होती है।
  • इस दवा को क्या कोरोना मरीजों में एक्यूट रिस्परेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) के इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है, कंपनी यही संभावना तलाशेगी।
  • कंपनी को क्लिनिकल ट्रायल के थर्ड फेज की अनुमति मिल गई है, जिसके सितंबर तक पूरा होने की संभावना है। हल्के और सामान्य लक्षण वाले मरीजों पर इस दवा का ट्रायल होगा। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पिक्सा
वैक्सीन की रेस में एक और भारतीय कंपनी 
  • कोरोना की वक्सीन के लिए एक और भारतीय कंपनी से उम्मीद जुड़ी है। दिल्ली की Panacea Biotech ने अमेरिका की एक अर्ली स्टेज लाइफ साइंसेज कंपनी Refana के साथ साझेदारी की है।
  • दोनों कंपनियां मिलकर एक इनएक्टिवेटेड वायरस आधारित वैक्सीन बनाएंगी। इसके लिए ट्रायल का पहला फेज सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है। 

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Coronavirus Vaccine - फोटो : Social Media
जॉनसन एंड जॉनसन ट्रायल के एडवांस स्टेज में
  • अग्रणी दवा निर्माता कंपनियों में शामिल जॉनसन एंड जॉनसन ने अपनी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल सितंबर में करने वाली थी, लेकिन अब जुलाई में ही शुरू करेगी।
  • वैक्सीन के प्री-क्लिनिकल डेटा के पॉजिटिव स्ट्रेंथ को देखते हुए कंपनी ने यह निर्णय लिया है। कंपनी के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी पॉल स्टॉफेल्स के मुताबिक, कंपनी अगले साल बाजार में कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराएगी। 
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एंटीबॉडी ड्रग्स की उम्मीद - फोटो : PTI
इन कंपनियों ने जगाई एंटीबॉडी ड्रग्स की उम्मीद
  • कोरोना से लड़ने में एंटीबॉडी की अहम भूमिका है, इसलिए कई कंपनियां इस पर काम कर रही है। दरअसल, न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज दवाओं की नई किस्म है। Eli Lilly,  AstraZeneca और Regeneron जैसी कंपनियां इस पर काम कर रही हैं।
  • AstraZeneca ने वैडरबिल्ड यूनिवर्सिटी से कोरोना वायरस न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज का लाइसेंस लिया है। कंपनी इन मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज को पोटेंशियल कॉम्बिनेशन थेरेपी की तरह क्लिनिकल डेवलपमेंट यानी नैदानिक विकासात्मक प्रयोग में लाना चाहती है।
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Coronavirus Ayurvedic Medicine - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
देश में योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी 'पतंजलि आयुर्वेद' ने कोरोना वायरस संक्रमण की दवा तैयार कर लेने का दावा किया है। कंपनी के को-फाउंटर आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, महामारी फैलने के बाद से ही कंपनी दवा तैयार करने में लगी हुई थी। उनका कहना है कि इस दवा से एक हजार से ज्यादा लोग ठीक हुए हैं। करीब 80 फीसदी मरीजों में बेहतर परिणाम देखे गए हैं। 
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आयुर्वेद - फोटो : पेक्सेल्स
  • देश की कई कंपनियों ने इम्यूनिटी बढ़ाने वाली परंपरागत दवाओं का ट्रायल शुरू किया गया है। हमदर्द लैबोरेट्रीज, डाबर, श्रीश्री तत्व जैसी कंपनियों ने ट्रायल के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। ये कंपनियां यूनानी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाएं बनाती हैं।
  • हमदर्द लैबोरेट्रीज ने यूनानी चिकित्सा पद्धति के आधार पर इम्यूनिटी बूस्टर प्रॉडक्ट्स का ट्रायल शुरू कर दिया है तो श्रीश्री तत्व ने इम्यूनिटी बूस्टर दवा तैयार करने के लिए बेंगलूरू मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट से हाथ मिलाया है। 
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Ayurveda Trial
  • डाबर कंपनी इस पर रिसर्च कर रही है कि उसका प्रॉडक्ट च्यवनप्राश कोविड-19 को रोकने में कारगर है या नहीं। अन्य परंपरागत भारतीय औषधियों में भी उम्मीद तलाशी जा रही है।
  • क्लिनिकल ट्रायल्स को आयुष मंत्रालय, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद(CSIR) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद सहयोग कर रहा है।
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