प्रतीकात्मक तस्वीर
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इस अध्ययन से जुड़े ला जोला इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर पांडुरंगन विजानंद ने कहा कि, 'इस अध्ययन से जो डाटा मिला है, उससे पता चलता है कि कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित लोगों में लंबे समय तक इम्यूनिटी बनी रह सकती है।' वैज्ञानिक मानते हैं कि, जो कोरोना वायरस से संक्रमित हुए गंभीर मरीज हैं, उनमें टी-सेल्स की संख्या काफी कम हो जाती है। लेकिन अगर किसी कोरोना से संक्रमित हुए मरीजे के शरीर में टी-सेल्स की संख्या बढ़ा दी जाए, तो वो संक्रमण से बच सकता है।