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कोरोना को खत्म करने में टी-सेल्स निभाती हैं अहम भूमिका, जानें क्या कहता है अध्ययन

Sat, 23 Jan 2021 02:57 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस महामारी ने साल 2019 की शुरुआत से ही पूरी दुनिया को परेशान करके रखा। हालांकि, अब टीका आने से माना जा रहा है कि इस वायरस पर जल्द काबू पा लिया जाएगा। लेकिन इस बीच कोरोना को लेकर कई तरह के शोध किए गए, ताकि इस वायरस को मात देने के तरीकों को समझा जा सके और उसमें मदद मिल सके। वहीं, हाल ही में एक अध्ययन सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि कोविड-19 को टी-सेल्स शरीर में ही मार डालती है। तो चलिए आपको विस्तार से बताते हैं इस अध्ययन के बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, इस अध्ययन के नतीजों को साइंस इम्युनोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। अमेरिका के ला जोला इंस्टीट्यूट के लोगों ने कोरोना रोगियों के रक्त नमूनों से एकत्र की गई 80 हजार से ज्यादा सीडी 8 प्लस टी-सेल्स का विशलेषण किया। इनका मानना है कि ये इस तरह का पहला अध्ययन है। इस दल ने पाया कि अगर कोरोना से मुकाबला करना है तो शरीर की इम्यूनिटी सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली की सुरक्षात्मक टी-सेल्स की ज्यादा जरूरत पड़ती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दल ने बताया कि जहां एंटीबॉडी रोगाणुओं के खिलाफ सुरक्षा मुहैया कराती है, तो वहीं सीडी 8 प्लस टी-सेल्स समेत इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं पर वायरस संक्रमित कोशिकाओं का सफाया करने का जिम्मा होता है। यहां तक कि जो वायरस दोबारा संक्रमण फैलाते हैं, उनके खिलाफ शरीर की सुरक्षा करने में भी सीडी 8 प्लस टी-सेल्स की अहम भूमिका होती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इस अध्ययन के मुताबिक, माना जा रहा है कि टी-सेल्स कोरोना से लड़ने में हमारी काफी मदद करती है। ये निष्कर्ष 30 कोरोना मरीजों और 10 सामान्य लोगों के रक्त नमूनों में सीडी 8 प्लस टी-सेल्स पर किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला है। इस शोध से पता चलता है कि टी-सेल्स हमारे शरीर के लिए कितने जरूरी हैं। गौरतलब, है कि लोग अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए कई तरह के खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि उनका कोरोना से बचाव हो सके।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इस अध्ययन से जुड़े ला जोला इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर पांडुरंगन विजानंद ने कहा कि, 'इस अध्ययन से जो डाटा मिला है, उससे पता चलता है कि कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित लोगों में लंबे समय तक इम्यूनिटी बनी रह सकती है।' वैज्ञानिक मानते हैं कि, जो कोरोना वायरस से संक्रमित हुए गंभीर मरीज हैं, उनमें टी-सेल्स की संख्या काफी कम हो जाती है। लेकिन अगर किसी कोरोना से संक्रमित हुए मरीजे के शरीर में टी-सेल्स की संख्या बढ़ा दी जाए, तो वो संक्रमण से बच सकता है।
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