हेल्थकेयर में एआई का इस्तेमाल
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एआई के आने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर लोगों में बड़ी उम्मीद देखी जा रही है। इसकी मदद से जल्द से जल्द बीमारी की पहचान और डायग्नोसिस में मदद मिल रही है। भारत जैसे विशाल देश में स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच बड़ी चुनौती रही है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के जरिए देश में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने पर काम किया जा रहा है। टेलीमेडिसिन के विस्तार के साथ यह मॉडल और महत्वपूर्ण हो सकता है। जून 2026 में सरकार ने 47 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन कंसल्टेशन का आंकड़ा बताया था। एआई की मदद से बीमारियों का जल्द पता लगाना आसान हो रहा है।
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से
MEDWACS टेस्ट में जांघ की लंबाई लेकर एआई की मदद से आप जान सकते हैं कि डायबिटीज का खतरा तो नहीं है? इतनी ही नहीं एआई की मदद से
स्मार्टफोन से मिनटों में पता चल सकता है कि आपको जानलेवा कैंसर का जोखिम तो नहीं है?
वैज्ञानिकों ने एआई की मदद से '
यूनिवर्सल वैक्सीन' भी बनाई है जो फ्लू हो या कोरोना सब पर असरदार हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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