प्रतीकात्मक तस्वीर
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दरअसल, फेरेट्स को कोरोना की वैक्सीन इसलिए लगाई गई थी, क्योंकि उनकी प्रजाति खतरे में है। कंजरवेशन सेंटर के मुताबिक, अब तक उनमें कोरोना के संक्रमण का कोई मामला तो सामने नहीं आया है, लेकिन ये इस तरह के वायरस से आसानी से संक्रमित हो सकते हैं, इसलिए उन्हें पहले ही वैक्सीन लगा दी गई। जीव विज्ञानियों का कहना है कि इंसानों के साथ-साथ ऐसे जीवों को भी कोरोना का टीका लगाया जाना चाहिए, जो विलुप्तप्राय या खतरे में हैं।