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Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, जानें जीवन से जुड़ी रोचक बातें

Sun, 25 Dec 2022 08:19 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती - फोटो : amar ujala
Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary 2022 : 25 दिसंबर का दिन दुनियाभर में खास है। इस दिन विश्व के कई देश क्रिसमस का पर्व मनाते हैं। हालांकि भारत के लिए 25 दिसंबर का महत्व अलग ही है। भारत के इतिहास में 25 दिसंबर की तारीख सिर्फ क्रिसमस डे के तौर पर ही नहीं, बल्कि सुशासन दिवस के रूप में भी दर्ज है। प्रत्येक वर्ष भारतीय 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाते हैं। सवाल ये है कि सुशासन दिवस क्यों मनाते हैं? इस दिन को मनाने की शुरुआत कब और कैसे हुई? सुशासन दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है? सबसे पहले तो आपको ये जान लेना चाहिए कि सुशासन दिवस भारत के तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से संबंधित खास दिन है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर को हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के तौर पर मनाते हैं। आइए जानते हैं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़ी रोचक बातें और पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती को सुशासन दिवस के तौर पर मनाने की वजह।

 
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती - फोटो : सोशल मीडिया
अटल बिहारी वाजपेयी ने की पिता के साथ पढ़ाई

25 दिसंबर 1924 को अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म उन्नाव में हुआ। वह पत्रकार बनना चाहते थे लेकिन बाद से संयोगवश राजनीति में आ गए। हैरानी की बात है कि अटल जी ने अपने पिता के साथ एक साथ बैठकर ही कानपुर के डीएवी कॉलेज से लॉ की पढ़ाई की। दोनों एक ही क्लास में पढ़ते थे और हॉस्टल में एक ही कमरे में रहा करते थे। हालांकि जब उनके दोस्तों को यह बात पता चली तो अटल जी और उनके पिता ने अपने सेक्शन बदल लिए।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती - फोटो : अमर उजाला
भाषण से पहले अटल जी करते थे ये काम

अटल बिहारी एक अच्छे वक्ता थे, यह तो लोग जानते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि अटल बिहारी वाजपेयी जब किसी जनसभा में शामिल होते थे तो काली मिर्च और मिश्री का सेवन करते थे। उनके लिए खास मथुरा से मिश्री मंगाई जाती थी। भाषण से पहले और बाद में वह इसी का सेवन किया करते थे।

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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : सोशल मीडिया
अटल जी को तोहफे पसंद नहीं थे

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी को तोहफे पसंद नहीं थे। वह गिफ्ट परंपरा के बेहद खिलाफ थे। हालांकि उन्हें खाने पीने का काफी शौक था। इसलिए घर पर तैयार भोजन को ही सबसे बड़ा तोहफा मानते थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती - फोटो : amar ujala
अटल बिहारी और राजनीति

एक आदर्श राजनेता के तौर पर मशहूर अटल बिहारी वाजपेयी पहले ऐसे प्रधानमंत्रा थे, जिन्होंने 26 राजनीतिक दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। वह जीवन के शुरुआती दिनों में स्वयं सेवक संघ में शामिल हुए। अक्सर उनकी बहन अटल की पैंट को फेंक दिया करती थीं, क्योंकि उनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे और उनका परिवार नहीं चाहता था कि अटल आरएसएस की खाकी पैंट पहनें। आरएसएस की खाकी पैंट पहने।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती - फोटो : सोशल मीडिया
अटल बिहारी के शौक

कहा जाता है कि अटल बिहारी वाजपेयी को हिंदी सिनेमा से खासा लगाव था। उनकी पसंदीदा फिल्म 'उमराव जान' थी। अटल दी को खाने में गोलगप्पे बेहद पसंद थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अटल जी गोलगप्पे वाले को ऊपर कमरे में बुलाते और गोलगप्पे में खूब सारी मिर्च मिलाकर खाते। अटल जी मांसाहारी खाने का भी शौक रखते थे। वह खासकर मछली खाना पसंद करते थे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती - फोटो : amar ujala
सुशासन दिवस का इतिहास और महत्व

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर हर साल भारत में 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2014 में अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय जी को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इसके तुरंत बाद मोदी सरकार ने अटल जी की जयंती को भारत में सुशासन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस दिन को मनाने का उद्देश्य देश में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन बनाने के लिए नागरिकों और विशेषकर छात्रों को सरकार की प्रतिबद्धता से अवगत कराना है।
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