लेबर डे
- फोटो : अमर उजाला
अप्रैल में दी जाने वाली किश्त में विभाग ने पंजीकरण को अनिवार्य नहीं रखा है, जिन श्रमिकों का बैंक अकाउंट सक्रिय होगा, या उनका पंजीकरण सक्रिय नहीं हुआ हो उन्हें भी सहायता मिलेगी। मार्च की मिली एक हजार रुपये की मदद से प्रदेश के एक लाख 41 हजार श्रमिक वंचित रह गए थे। मार्च में श्रम विभाग ने 1,43,866 बोर्ड और अन्य निर्माण श्रमिकों को 1000 रुपये की सहायता दी थी।