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Train To Kashmir Photo: सबसे ऊंचे रेलवे पुल पर छुक-छुक दौड़ा इंजन.. ट्रेन से कश्मीर जाने का सपना जल्द होगा सच

Mon, 17 Jun 2024 04:23 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, रियासी

सार

देश के किसी भी हिस्से से रेलगाड़ी के माध्यम से कश्मीर घाटी पहुंचने का सपना पूरा होने के करीब पहुंचने लगा है। रविवार को इस सपने के पूरे होने की एक उम्मीद और पुख्ता तब हुई, जब छुक-छुक करता हुआ रेल का इंजन संगलदान से रियासी तक पहुंचा।
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रियासी में रेलवे पुल से गुजरता हुआ इंजन - फोटो : एजेंसी
देश के किसी भी हिस्से से रेलगाड़ी के माध्यम से कश्मीर घाटी पहुंचने का सपना पूरा होने के करीब पहुंचने लगा है। रविवार को इस सपने के पूरे होने की एक उम्मीद और पुख्ता तब हुई, जब छुक-छुक करता हुआ रेल का इंजन संगलदान से रियासी तक पहुंचा।

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रियासी रेलवे स्टेशन - फोटो : विकास बड़ू
इस दौरान विश्व के सबसे ऊंचे चिनाव रेलवे पुल से भी इंजन सफलतापूर्वक गुजरा। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। इंजन के सफर करने पर खूब भारतमाता की जय के जयघोष गूंजे।


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रियासी रेलवे स्टेशन - फोटो : विकास बड़ू
जम्मू संभाग के रियासी जिले के सावलाकोट से चलकर दोपहर तीन बजे इंजन रियासी रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। इंजन आने की सूचना पर लोग स्टेशन पर पहुंच गए। 

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रियासी में रेलवे पुल से गुजरता हुआ इंजन - फोटो : एजेंसी
जैसे ही इंजन बक्कल सुरंग पार कर सायरन बजाता हुआ रियासी पहुंचा तो स्टेशन भारत माता की जय से गूंज उठा। इस ट्रैक पर विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल भी बना है।
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रियासी: रेलवे पुल - फोटो : विकास बड़ू
इस पुल से ट्रेन में बैठकर गुजरने का सपना रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की हरी झंडी मिलने के बाद पूरा होगा। सीआरएस डीसी देशवाल का 46 किमी लंबे संगलदान-रियासी ट्रैक के निरीक्षण के लिए 27-28 जून को दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है।
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रियासी: रेलवे पुल - फोटो : विकास बड़ू
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संगलदान से रियासी के बीच पहली ट्रेन को हरी झंडी 30 जून को दिखाए जाने की संभावना है।
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रियासी रेलवे स्टेशन - फोटो : विकास बड़ू
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के इस महत्वपूर्ण खंड पर रेल चलना सीआरएस के निरीक्षण पर निर्भर करता है।
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संगलदान रेलवे स्टेशन - फोटो : परवेज
सीआरएस के निर्धारित निरीक्षण से पहले संगलदान से रियासी तक का काम पूरा हो जाएगा। 272 किमी यूएसबीआरएल परियोजना में से 209 किमी को दो चरणों में शुरू किया गया था। 118 किमी काजीगुंड-बारामुला खंड का पहला चरण अक्टूबर 2009 में शुरू हुआ।
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