कटड़ा और संगलदान के बीच रेलवे लाइन का काम इस साल जून तक पूरा होने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों के अनुासर इसके लिए काम तेजी चल रहा है। अभी कन्याकुमारी से कटड़ा तक रेल लाइन पर रेलगाड़ियों दौड़ती हैं। उधर, कश्मीर घाटी में बारामुला से संगलदान तक रेलगाड़ियां दौड़ती हैं। कटड़ा से संगलदान के बीच रेल बिछ जाने से कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल संपर्क जुड़ जाएगा। ऐसे में देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से ट्रेन के माध्यम से कश्मीर पहुंचा जा सकेगा।
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ट्रेन कश्मीर (फाइल)
- फोटो : बासित जरगर
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक मनोज यादव ने शनिवार को रामबन जिले में बनिहाल-संगलदान के बीच नवनिर्मित रेलवे लाइन और स्टेशनों का निरीक्षण किया। वह जम्मू-कश्मीर में दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। अधिकारियों ने बताया कि डीजी आरपीएफ उत्तर रेलवे के अधिकारियों के साथ श्रीनगर से एक विशेष निरीक्षण के लिए रेल कार से बनिहाल स्टेशन पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन और आरपीएफ पोस्ट का निरीक्षण किया।
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ट्रेन कश्मीर (फाइल)
- फोटो : बासित जरगर
इसके बाद खाड़ी-सुंबड़ और संगलदान रेलवे स्टेशनों का दौरा कर रेलवे सुरक्षा बल की तैनाती व सुरक्षा का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को डीजी आरपीएफ श्रीनगर में रेलवे बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे और उसके बाद बडगाम-बारामूला रेल लाइन और स्टेशन का भी दौरा करेंगे।
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संगलदान रेलवे स्टेशन
- फोटो : परवेज
देश की सबसे महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के साथ 48.1 किलोमीटर लंबा बनिहाल-संगलदान खंड 20 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को समर्पित किया था। कुल 272 किलोमीटर लंबी यूएसबीआरएल परियोजना में से 161 किलोमीटर तक पहले चरणों में शुरू की गई थी।
118 किलोमीटर लंबे पहले चरण काजीगुंड-बारामुला खंड का उद्घाटन अक्तूबर, 2009 में किया गया था। इसके बाद जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबे बनिहाल-काजीगुंड और जुलाई, 2014 में 25 किमी लंबे उधमपुर-कटरा का उद्घाटन किया गया था।