शहीद पुलिसकर्मी जावेद डार का एसपी शैलेंद्र मिश्रा के पीछे खड़े होना उसकी मौत का कारण बन गया। छह मई को शोपियां में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया था। तब आतंकियों से चली मुठभेड़ के दौरान शोपियां के पूर्व एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा बार-बार आतंकियों से सेरेंडर करने को करते रहे।
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जावेद अहमद डार
तब मिश्रा के पीछे जावेद डार भी खड़ा था। आतंकियों ने जावेद को देख लिया था। जब आतंकियों ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि जावेद मिश्रा का खास आदमी है। क्योंकि जब मिश्रा आतंकियों को सेरेंडर करने के लिए कह रहे थे।
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जावेद डार के परिजन विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
तब उनका एक वीडियो बन गया। इस वीडियो के माध्यम से आतंकियों ने जावेद पर नजर रखनी शुरू कर दी और मौका मिलते ही उसे मार दिया। शोपियां में चली छह मई की मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सद्दाम पाडर, सहायक प्रोफेसर मोहम्मद शफी भट्ट, तौसीफ शेख, आदिल मलिक और बिलाल उर्फ मोलवी को मार गिराया गया था। आतंकियों ने जावेद को मारकर सद्दाम की मौत का बदला लिया है।
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जावेद डार के परिजन विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि कश्मीर के शोपियां से अपहृत पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार की आतंकियों ने निर्मम हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह सात बजे उसका शव कुलगाम क्षेत्र में सड़क पर पड़ा मिला। आतंकियों ने पुलिसकर्मी के सिर पर गोली मारी थी।
मैंने अपना करीबी खो दिया: शैलेंद्र मिश्रा
शोपियां के पूर्व पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र मिश्रा ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में बताया कि 2012 में पुलिस की नौकरी ज्वाइन करने वाले जावेद अहमद के रूप में उन्होंने एक पुलिसकर्मी नहीं बल्कि अपना एक करीबी साथी खोया है। मिश्रा ने बताया कि जावेद अहमद डार पिछले 5 वर्षों से उनके साथ ही रहा है। जहां कहीं भी उनका तबादला हुआ जावेद को उन्होंने अपने साथ ही रखा। वह उनका काफी करीबी था। जावेद की हत्या पर उन्होंने कहा, इस घटना का आतंकियों भरपूर जवाब दिया जाएगा।