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जल्दी करो ये आखिरी घड़ी है: मौत से पहले खुद ऐसे गिड़गिड़ाते हैं युवाओं को जन्नत के ख्वाब दिखाने वाले आतंकी

Thu, 19 Aug 2021 10:42 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेते सुरक्षाकर्मी, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खात्मे के लिए सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। मुठभेड़ के दौरान घिरे स्थानीय आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका भी दिया जाता है। इसके लिए आतंकी के परिजनों को भी मुठभेड़ स्थल पर बुलाया जाता है। सुरक्षाबलों और परिजनों की बात न मानने के बाद आतंकियों का खात्मा किया जाता है।

घाटी के युवाओं को लालच देकर गुमराह करने और जन्नत के ख्वाब दिखाने वाले आतंकी खुद जब सुरक्षाबलों के घेरे में फंसते हैं तो उनको जिंदगी का मतलब समझ आता है। इस बात को अब घाटी के युवा भी समझ चुके हैं, इसी का नतीजा है कि स्थानीय स्तर पर आतंकियों की भर्ती में भारी कमी आई है। आतंक का दामन छोड़कर अब युवा मुख्यधारा में आ रहे हैं। आगे की स्लाइड में पढ़िए मौत के खौफ से गिड़गिड़ाते आतंकी की कहानी, साथ ही जानिए मरने से पहले उसने फोन पर क्या बातें की थीं
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नवाकदल मुठभेड़ के बाद हुई पत्थरबाजी - फोटो : अमर उजाला
बीते साल मई महीने में श्रीनगर में नवाकदल मुठभेड़ में दो आतंकी जुनैद सहराई और तारिक अहमद शेख मारे गए थे। इनके मारे जाने के बाद अराजकतत्वों ने पत्थरबाजी की। इस दौरान पत्थरबाजों ने सुरक्षाबलों और सैन्य वाहनों पर पथराव किया। इतना ही नहीं आगजनी भी की। हालांकि इन सबके पीछे जुनैद के साथ मौजूद तारिक का वो आखिरी फोन कॉल था जो उसने मरने से पहले एक शख्स को किया था और कुछ बातें कहकर गिड़गिड़ाया था। जानिए उसने मरने से पहले उस आखिरी फोन पर क्या बातें की थीं और देखिए तस्वीरें.....
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नवाकदल मुठभेड़ के बाद हुई पत्थरबाजी - फोटो : बासित जरगर
जुनैद के साथ तारिक था जिसने किसी शाहिद नाम के शख्स को फोन कर ये बातें की थीं....
'अस्सलाम अलैकुम....शाहिद साहब, तारिक हूं मैं... हम फंस गए हैं नवाकदल में, पुरानी लोकेशन में....वहां से नफर (बंदों) को भेजो, जो पथराव करेंगे। पीछे वाली सड़क से वहीं से बंदों को भेजो वह पथराव करेंगे और हमें बाहर निकालेंगे। मेरे साथ जुनैद साहब हैं। जुनैद सेहराई साहब हैं, अगर और कोई होता तो अलग बात थी, बाकी सब सही था.... जल्दी करो जल्दी यह आखिरी घड़ी है।'

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नवाकदल मुठभेड़ - फोटो : बासित जरगर
आतंकी जुनैद और उसका साथी आतंकी एक इमारत में छिपे थे, जहां से ये फोन कॉल की गई थी। वह अंदर से सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर रहा था। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने बड़ी सतर्कता के साथ दोनों आतंकियों का खात्मा कर दिया।
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नवाकदल मुठभेड़ - फोटो : बासित जरगर
बता दें कि जुनैद सहराई, सैयद अली शाह गिलानी के बाद तहरीक ए हुर्रियत के चेयरमैन बने मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा था।
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नवाकदल मुठभेड़ - फोटो : बासित जरगर
साल 2018 के मार्च महीने में जुमे की नमाज के बाद जुनैद लापता हो गया था। इसके बाद वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ जुड़ गया था।
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