नवाकदल मुठभेड़ के बाद हुई पत्थरबाजी
- फोटो : बासित जरगर
जुनैद के साथ तारिक था जिसने किसी शाहिद नाम के शख्स को फोन कर ये बातें की थीं....
'अस्सलाम अलैकुम....शाहिद साहब, तारिक हूं मैं... हम फंस गए हैं नवाकदल में, पुरानी लोकेशन में....वहां से नफर (बंदों) को भेजो, जो पथराव करेंगे। पीछे वाली सड़क से वहीं से बंदों को भेजो वह पथराव करेंगे और हमें बाहर निकालेंगे। मेरे साथ जुनैद साहब हैं। जुनैद सेहराई साहब हैं, अगर और कोई होता तो अलग बात थी, बाकी सब सही था.... जल्दी करो जल्दी यह आखिरी घड़ी है।'