पहले उड़ी और फिर बारामुला में हमला कर फरार हुए आतंकियों को पानी में तैरने की विशेष ट्रेनिंग मिली थी। इसके लिए बाकायदा विदेशों से ट्रेनर लाए गए, जिन्होंने आतंकियों को घंटों पानी में रहने की ट्रेनिंग दी। यह ट्रेनिंग पाकिस्तान के सैन्य शिविरों में आतंकियों को दी गई। जाने कैसे नदियों के रास्ते आतंकी दे रहे हैं हमले की साजिशों को अंजाम, तस्वीरें ।
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विदेशी ट्रेनरों से तैरने की ट्रेनिंग
- फोटो : Demo Pic.
कई देशों से आई इन ट्रेनर्स ने पाकिस्तान में इन आतंकियों को पानी में तैरने और बिना आक्सीजन मास्क के घंटो तक रहने की ट्रेनिंग दी है ।
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विदेशी ट्रेनरों से तैरने की ट्रेनिंग
- फोटो : Demo Pic.
आतंकी ठंडे से ठंडे, गर्म से गर्म और गहरे से गहरे पानी में कई घंटों तक अपनी सांसें बंद कर रह सकते हैं। यही एक वजह है कि दोनों हमलों में आतंकी नदी पार कर आए।
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विदेशी ट्रेनरों से तैरने की ट्रेनिंग
- फोटो : Demo Pic.
पिछले मुख्य हमलों में शामिल आतंकियों ने नदियों का सहारा लिया। पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले में आतंकियों ने रावी नदी से घुसपैठ की।
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विदेशी ट्रेनरों से तैरने की ट्रेनिंग
- फोटो : File Photo
इससे पहले 2014 में उड़ी हमले में आतंकी नदी पार कर आए। ताजा हमला उड़ी में हुआ और आतंकी नदी पार कर आए।
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बारामुला में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी
- फोटो : ANI
फिर से आतंकियों ने बारामुला में आर्मी कैंप पर हमला किया। इसमें भी आतंकी झेलम नदी का सहारा लेकर भाग गए।
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Terrorist
- फोटो : File Photo
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के सैन्य शिविरों में आतंकियों को पानी में रहने और तैरने की विशेष ट्रेनिंग दी गई।
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Satellite found out terrorist camps, Even China doesn't have this technique
- फोटो : demo
इसके लिए ऐसे आतंकियों को चुना गया, जिनका पानी में रहने का स्टेमिना काफी था। दो साल पहले सांबा और कठुआ में हुए आतंकी हमले में भी आने वाले आतंकी नालों से होकर आए थे।
उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर की चिनाब, तवी नदी, झेलम नदी, कठुआ और पंजाब के मध्य रावी नदी पाकिस्तान को भारत से जोड़ती हैं। इन्हीं नदियों को ढाल बनाकर आतंकी घुसपैठ कर हमले कर रहे हैं।