घाटी में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर नवीद जट करीब एक सप्ताह से इलाके में मूवमेंट कर रहा था। वह लगातार सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था और घर से निकलने की कोशिश में मारा गया। सूत्रों के अनुसार, नवीद 7-8 दिन से छत्तरगाम के कुठपोरा इलाके में मौजूद था। वहां अपने एक विश्वस्त के घर पर रह रहा था। सुरक्षा एजेंसियां उसे लगातार ट्रैक कर रही थीं। साथ ही सटीक जानकारियां दूसरे सोर्स से भी जुटा रही थीं। सटीक सूचना पर मंगलवार आधी रात को यह ऑपरेशन शुरू हुआ।
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आतंकियों की तरफ बढ़ते जवान
- फोटो : अमर उजाला
एक अधिकारी ने बताया कि रात में करीब 2 बजे के आसपास मुठभेड़ शुरू हुई। रुक-रुक कर हो रही फायरिंग होती रही। सुबह जब आतंकियों को लगा कि वह पूरी तरह फंस चुके हैं तो मकान के एक कोने से नवीद ने फायरिंग करते हुए सुबह करीब 8 बजे निकलने की कोशिश की, लेकिन मारा गया।
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नवीद के मारे जाने के बाद घाटी के कई इलाकों में तनाव
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पथराव करते हुए पत्थरबाज
- फोटो : अमर उजाला
मोस्ट वंटेड लश्कर कमांडर नवीद जट के मारे जाने के साथ ही घाटी के कई इलाकों में तनाव की स्थिति है। बुधवार को श्रीनगर के कई बाजार बंद रहे। सोशल मीडिया पर नवीद के मारे जाने की खबर वायरल होते ही कई इलाकों में बाजारों बंद हो गए। श्रीनगर के सौरा, नौशहरा, मईसुमा, गवकदल और गोग्जी बाग इलाके में जबरदस्ती बाजार और दुकानें बंद कराई गईं। गोग्जी बाग इलाके में कुछ छात्रों ने अमर सिंह कालेज के बाहर प्रदर्शन किया और पथराव कर यातायात बाधित कर दिया।
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पुलिस वाहन पर पथराव करता पत्थरबाज
- फोटो : अमर उजाला
सौरा में देर तक पथराव होता रहा और पुलिस ने आंसू गैस और पावा शेलों का प्रयोग किया। उधर सोशल मीडिया पर नवीद के साथी को सोपोर के एक युवा के तौर पर दिखाने के बाद सोपोर में तनाव देखा गया। श्रीनगर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा जी गई। अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने बडगाम में मोबाइल इंटरनेट सुविधा बंद कर दी और श्रीनगर में 4जी के बजाय 2जी सेवा ही जारी रखी। कश्मीर विश्वविद्यालय में छात्रों ने गायबाना नमाज-ए-जनाजा पढ़ा। कुछ छात्रों ने विवि कैंपस में प्रदर्शन किया और रैली निकाली।
कश्मीर घाटी में आतंकवाद के ग्राफ में कमी आई है। आतंकवादियों को अब में नए रंगरूट नहीं मिल रहे हैं। सुरक्षाबलों को जो सफलता मिल रही है उसमें स्थानीय लोगों का पर्याप्त सहयोग है। यह बात पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बुधवार को श्रीनगर में कही। डीजीपी ने कहा, पिछले कुछ हफ्तों में कामयाब ऑपरेशन अंजाम दिये गए हैं। इसमें कई बड़े कमांडर और ऑपरेटर मारे जा चुके हैं। करीब दो सप्ताह के भीतर दक्षिणी कश्मीर में और बडगाम ऑपरेशन में दो दर्जन से अधिक आतंकी मारे गए हैं। इससे दक्षिणी कश्मीर में आतंकवाद में और कमी देखने को मिलेगी। कहा, आतंकवाद में नई भर्ती का आंकड़ा न के बराबर है। दो माह से ऐसी कोई खबर नहीं है जिससे यह पता चला हो कि कोई नया लड़का आतंकवाद में उतरा हो।