इसी स्कूल के बाहर हुई शिक्षिका की हत्या
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बेटी को स्कूल छोड़ कर अपने स्कूल पहुंचना था। कुछ ही देर बाद उन्हें फोन आया कि वह शीघ्र ही गाड़ी लेकर स्कूल पहुंचें। उसी क्षण वह वापस पहुंचे तो वहां का मंजर देख सन्न रह गए। उनके अनुसार रजनी अभी अपने स्कूल के अंदर भी नहीं पहुंची थी, कि आतंकियों ने उसे मौत की नींद सुला दिया।
राजकुमार के अनुसार सोमवार को रजनी के स्थानांतरण का आदेश हुआ था। मंगलवार को अपने प्रधानाचार्य से रिलीविंग ऑर्डर लेना था। उन्होंने कमरा भी शिफ्ट कर लिया था। वह खुश थे कि वे दोनों अब एक ही स्कूल में तैनात हो जाएंगे, तो काफी राहत मिलेगी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। वहीं, रजनी के ससुर रामपाल ने कहा कि बहू की आतंकियों ने हत्या कर दी है। बेटे राजकुमार का जम्मू में तबादला किया जाए।