फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बात कश्मीर की होती और सुषमा शांत रहतीं...असंभव, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

Wed, 07 Aug 2019 11:55 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
सुषमा स्वराज
पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार रात को निधन हो गया। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। वे पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं। वह 67 साल की थीं।

आगे की स्लाइड में- जब संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को जमकर लताड़ा
विज्ञापन

2 of 5
सुषमा स्वराज
उनका जन्म 1953 में अंबाला में हुआ। उनके पिता हरदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे। सुषमा स्वराज की पहचान मुखर वक्ता और कुशल राजनेता के साथ-साथ देश की सबसे कम उम्र की मंत्री बनने की भी रही। 1977 में वह महज 25 वर्ष की उम्र में हरियाणा में कैबिनेट मंत्री बनीं। संस्कृत भाषा पर उनकी पकड़ की वजह से लोग उनकी प्रशंसा करते नहीं थकते थे।
विज्ञापन

3 of 5
सुषमा स्वराज
सुषमा ने अंबाला कैंट में सनातन धर्म कॉलेज से संस्कृत और राजनीति शास्त्र में डिग्री हासिल की। चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी से उन्होंने वकालत की पढ़ाई की। इस दौरान उन्होंने लगातार तीन वर्ष हरियाणा में होने वाले राज्य स्तरीय हिंदी वक्ता अवार्ड जीत कर अपनी प्रतिभा का संकेत दे दिया। पढ़ाई पूरी होने के बाद वे 1973 में मात्र 20 वर्ष की उम्र में सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने लगीं।

 

4 of 5
सुषमा स्वराज
सितंबर 2016 को सयुंक्त राष्ट्र में सुषमा स्वराज द्वारा पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर दी गई चेतावनी वैश्विक पटल पर कोई भूल नहीं सकता। सुषमा स्वराज के उस भाषण की देश ही नहीं पूरे विश्व में चर्चा हुई थी। यहां तक कि देश के विपक्ष ने भी सुषमा की प्रशंसा की थी। यह भाषण उन्होंने हिंदी में दिया था। उन्होंने सीधे शब्दों में पाक को चेताते हुए कहा कि 'कश्मीर भारत का हिस्सा था, भारत का हिस्सा है और भारत का हिस्सा रहेगा'।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सुषमा स्वराज
बात आतंकवाद की आई तो सुषमा स्वराज ने कहा कि दुनिया के कुछ देशों का आतंकवादियों को पालने का शौक हो गया है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को अलग-थलग करने का समय आ गया है। कहा कि अगर आतंकवाद खत्म नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें