फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाशिवरात्रि पर भोले के भक्तों के लिए खास: इस गुफा में होते हैं शिव के दिव्य दर्शन

Thu, 11 Mar 2021 09:03 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 6
शिवखोड़ी धाम की पवित्र गुफा - फोटो : अमर उजाला
जम्मू संभाग के रियासी जिले के शिवखोड़ी में महाशिवरात्रि पर लगने वाले तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले का आगाज हो चुका है। डीसी इंदु कंवल चिब ने मेले की शुरुआत करवाई। नौ देवियों की झांकी निकाली गई। इस दौरान पर्यटन विभाग की डिप्टी डायरेक्टर अंबिका बाली के साथ ही एसएसपी रश्मि वजीर भी मौजूद रहीं। 

आगे की स्लाइड में: शिवालिक पर्वत की श्रृंखलाओं में स्थित प्राकृतिक एवं अति प्राचीन गुफा से जुड़े रहस्य और मान्यताएं

 
विज्ञापन

2 of 6
शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड की झांकी - फोटो : अमर उजाला
शिवखोड़ी गुफा में शिवलिंग और अन्य दुर्लभ मूर्ति स्वरूप में शैलचित्र हैं। यह स्थान शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है। इसे भगवान शिव का घर भी कहा जाता है। प्रकृति की गोद में बसी यह एक ऐसी दुर्लभ जगह है, जहां आदिकाल से अब तक भगवान शिव की महिमा बनी हुई है। रनसू से शिवखोड़ी की गुफा करीब 3.5 किलोमीटर दूर है। इस स्थान से बाबा भोलेनाथ की यात्रा प्रारंभ हो जाती है। रनसू से थोड़ा आगे चलने पर लोहे का एक छोटा सा पुल आता है, जो नदी पर बना हुआ है। इस नदी को दूध गंगा कहते हैं। इसका कारण यह है कि महाशिवरात्रि के दिन इस नदी का जल स्वतः ही दूध के समान सफेद हो जाता है।
विज्ञापन

3 of 6
शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड की झांकी - फोटो : अमर उजाला
प्रकृति के वैभव को निहारते हुए आगे चलने पर एक कुंड आता है, जिसे अंजनी कुंड कहते हैं। इस कुंड के पास ही भगवान नीलकंठ की सवारी नंदी बैल के पैरों के निशान हैं। ऐसी मान्यता है कि नंदी बैल इस कुंड में पानी पीने आता था।

 

4 of 6
शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड की झांकी - फोटो : अमर उजाला
हर-हर महादेव, बम-बम भोले, भोले तेरा रूप निराला शिवखोड़ी में डेरा डाला जैसे जयकारों के साथ भक्त आगे बढ़ते रहते हैं। हर कोई उमंग के साथ शिव गुफा को जल्दी से जल्दी छूने के प्रयास में दिखता है। करीब एक किलोमीटर आगे चलने पर लक्ष्मी-गणेश का मंदिर आता है। इस मंदिर के अंदर छोटी सी गुफा में प्राचीन लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति है। इसके बाद जैसे ही भक्तों को गुफा के दर्शन होते हैं, उनके आनंद की अनुभूति कई गुना बढ़ जाती है।

 
विज्ञापन

5 of 6
शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड की झांकी - फोटो : अमर उजाला
पवित्र गुफा के बाहर हवन कुंड है। गुफा के पास ही जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा चौकी है, जो सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों की तलाशी लेने के बाद ही आगे बढ़ने देती है। गुफा का प्रवेश द्वार करीब 15 से 20 फुट चौड़ा है। गुफा में आगे बढ़ने पर तंग रास्ता है, जिस तरह वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा है, उसी प्रकार कहीं लेटकर, कहीं तिरछे होकर, कहीं घुटनों के बल तो कहीं बैठकर जाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
शिवखोड़ी गुफा - फोटो : सोशल मीडिया
थोड़ा आगे चलकर गुफा गहरी और चौड़ी हो जाती है, जहां आराम से यात्री खड़े हो सकते हैं। यहां से दाएं घूमकर पांच-छह सीढ़ियां चढ़कर भगवान शिव का स्थान है, जहं स्वयंभू शिव-शक्ति समाधि रूप में विराजमान हैं। माता पार्वती के सामने ऊपर की ओर कार्तिकेय एवं पंचमुखी गणेश विराज रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें