पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के अपहरण और श्रीनगर में चार वायु सेना कर्मियों की हत्या से संबंधित 30 साल पुराने मामले में विशेष अदालत में शनिवार को जिरह की प्रक्रिया शुरू हुई। इन दोनों मामलों में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक आरोपी है, जो तिहाड़ जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ा। उसने कोर्ट से कहा कि वह खुद गवाहों से जिरह करना चाहता है और किसी वकील की मदद नहीं लेगा।
गौरतलब है कि 25 जनवरी 1990 को वायुसेना के चार जवानों की हत्या में मलिक और छह अन्य के खिलाफ पिछले साल 16 मार्च को आरोप तय किए गए थे। अन्य आरोपियों में अली मोहम्मद मीर, मंजूर अहमद सोफी उर्फ मुस्तफा, जावेद अहमद मीर उर्फ नलका, शौकत अहमद बख्शी, जावेद अहमद जरगर और नानाजी शामिल हैं। सीबीआई ने अगस्त 1990 में वायुसेना कर्मियों की हत्या में आरोप पत्र दायर किया था।