हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : नवीन गुप्ता, जम्मू
किराना की दुकान चला रहे इंतजार का कहना था कि क्यों डरें अब विरोध करने वालों से। 370 हटे या रहे, हमारा रोजगार इससे प्रभावित नहीं होता। जिनको दिक्कत है और जिनको राजनीति करनी है वही 370 के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं। अतरू, मेहरबान, मंजूर, असगर आदि ने भी ऐसा कुछ बताया जो केवल गुमराह करने जैसा था। डीजीपी दिलबाग सिंह बताते हैं कि संचार माध्यमों को केवल इसलिए ही बंद किया गया है कि अफवाह न फैले। गुमराह करने वाले लोगों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। अफवाह फैलाने वाले लोगों से पुलिस सख्ती से निपट रही है।