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अय्याशी का अड्डा बनी जेल: बर्थडे पार्टी, मैच का आयोजन और फोटोशूट, गैंगस्टर कर रहे मौज और सो रहा प्रशासन

Fri, 16 Jul 2021 12:13 PM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू
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कोट भलवाल सेंट्रल जेल - फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू की कोट भलवाल जेल गैंगस्टरों के लिए अय्याशी का अड्डा बन गई है। कुछ दिन पहले ही जेल में बंद गैंगस्टर सन्नी बाबा और अमनदीप हत्याकांड में शामिल रायल सिंह ने पार्टी मनाई। इसकी तस्वीरें भी खींची गईं। इन तस्वीरों में सांबा और अन्य जिलों के गैंगस्टर भी दिखे। तस्वीरें वायरल के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा। शायद यही कारण है कि गुरुवार को सीआईडी को कार्रवाई करनी पड़ी। 

सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले एक गैंगस्टर का जन्मदिन था, जिसकी जेल में पार्टी की गई। जेल में एक मैच हुआ। मैच के बाद जेल में बंद सन्नी बाबा और रायल सिंह ने अन्य गैंगस्टरों के साथ मिलकर तस्वीरें खींची। हालांकि ये दोनों गैंगस्टर एक-दूसरे के खिलाफ रहे हैं, लेकिन इनका एक साथ होना और फोटो खींचकर वायरल करना पुलिस महकमे को काफी खटका और इसके बाद ही जेल में छापामारी की गई। यह फोटो कई पुलिस अफसरों के पास भी पहुंच गईं, इसके बाद एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह ने सीआईडी के साथ मिलकर कार्रवाई की। 
 
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कोट भलवाल सेंट्रल जेल - फोटो : सोशल मीडिया
रायल ने जेल से रची थी नागो के घर पर हमले की साजिश 
कुछ महीने पहले नागर सिंह उर्फ नागो के घर पर हुए हमले में पुलिस ने 15 हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस हमले की प्लानिंग रायल सिंह ने जेल में की थी। उसने एक जेल कर्मी के साथ मिलकर प्लान बनाया और अपने गुर्गों से हमला करवाया। रायल सिंह अमनदीप हत्याकांड में शामिल है। उसने नागर सिंह के बेटे के साथ मिलकर अमनदीप की हत्या की थी। 
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कोट भलवाल सेंट्रल जेल - फोटो : सोशल मीडिया
सवालों के घेरे में जेल प्रशासन
कोट भलवाल ही नहीं, बल्कि श्रीनगर की सेंट्रल जेल भी सवालों के घेरे में रही है। पहले श्रीनगर की सेंट्रल जेल में आतंकियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य सामान मिलता था। यहां एनआईए ने 2018 में पुलिस, सीआरपीएफ के साथ मिलकर छापा मारकर 25 मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पाकिस्तानी झंडे बरामद किए थे। इसके बाद श्रीनगर जेल से कई आतंकियों और अपराधियों को तिहाड़ और कठुआ की जेल में भेजा गया।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
डेढ़ साल पहले भी जेल में जैश के आतंकी के पास मिला मोबाइल
पुलिस ने 11 अप्रैल 2020 को कोट भलवाल जेल में बंद जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अब्दुल रहमान मुगल से भी मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया था। दरअसल, इसके एक दिन पहले ही पुलिस ने आरएस पुरा के चकरोई गांव से जैश-ए-मोहम्मद के ओजी वर्कर हंदवाड़ा के रहने वाले मोहम्मद मुज्जफर बेग को पकड़ा था। जिसका कनेक्शन जेल में बंद उक्त आतंकी से था। इसके बाद पुलिस ने जेल में छापा मारकर अन्य कैदी फरहान फैयाज निवासी बारामुला और आरएस पुरा के रहने वाले दीपक सिंह के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड समेत चार्जर, हेडफोन और मेमोरी कार्ड भी बरामद किए। अभी तीन महीने पहले ही सीआईडी ने जेल में छापा मारकर सात मोबाइल फोन बरामद किए थे। अब यह तीसरी घटना है। 

 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
जेल में जैमर तक नहीं
सूत्रों के अनुसार अति संवेदनशील जेल होने के बावजूद इसमें जैमर नहीं लगे हुए। जेल में 2-जी मोबाइल को जाम करने वाला जैमर लगा हुआ है। लेकिन इस समय 4-जी चल रहा है, ऐसे में ये जैमर किसी काम के नहीं हैं। इतना कुछ होने के बाद भी जेलों में जैमर नहीं लग पाना जेल प्रशासन की अव्यवस्था को उजागर करता है।
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