दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के जिला पुलिस लाइन (डीपीएल) में शनिवार की सुबह आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया। इस दौरान मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के आठ जवान शहीद हो गए। इनमें सीआरपीएफ के चार तथा जम्मू कश्मीर पुलिस के चार जवान शामिल हैं। तीन आतंकी भी मार गिराए गए। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के तीन जवान घायल भी हुए हैं। देखें मुठभेड़ स्थल की तस्वीरें।
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INDIAN ARMY
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सुरक्षा बलों ने पुलिस लाइन से 36 परिवारों को सुरक्षित निकाला। हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली है। मुठभेड़ स्थल से आतंकियों को भगाने के लिए भारी प्रदर्शन हुआ तथा सुरक्षा बलों पर पथराव किए गए। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। इस वर्ष की यह पहली बड़ी घटना है जिसमें सुरक्षा बलों को इतना व्यापक नुकसान उठाना पड़ा।
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पुलिस लाइन में शनिवार तड़के करीब 3:45 बजे तीन आतंकियों का दल दाखिल हुआ। घुसते ही उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और ग्रेनेड दागे। फायरिंग करते हुए वे डीपीएल में स्थित एक रिहायशी बिल्डिंग (ई-ब्लॉक) में जा घुसे। हमला होते ही पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए आतंकियों को घेर लिया। इस बीच सेना और सीआरपीएफ भी इस ऑपरेशन में शामिल हुई लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी दिक्कत यह रही कि उस समय वहां करीब 36 परिवार मौजूद थे।
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इन सभी को सुरक्षित निकालने के बाद एक भीषण मुठभेड़ शुरू हुई। शुरुआती फायरिंग के दौरान 6 जवान घायल हो गए। शहीद सीआरपीएफ जवानों की शिनाख्त हरियाणा के गुरुग्राम जिले के शेखूपुर मारी गांव के जसवंत सिंह, महाराष्ट्र के सतारा जिले के मोहत गांव के धनवाडे रवींद्र बाबन, गुजरात के अहमदाबाद के नवा नरोदागांव के दिनेश दीपक और जम्मू कश्मीर के बारामुला जिले के कोगोंमदारा गांव के मोहम्मद यासीन तेली के रूप में हुई है।
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PULWAMA
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शहीद पुलिस के जवानों में सिपाही इम्तियाज अहमद, एसपीओ मोहम्मद युसूफ व रफीक अहमद तथा नर्सिंग अर्दली अमरजीत सिंह शामिल हैं। इसके साथ ही घायल जवानों में प्रभु नारायण यादव, पहमे कुमार तथा राय सुधाकर एसबी को 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हुमहामा आरटीसी में आयोजित समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी एसएन श्रीवास्तव तथा डीजीपी डा. एसपी वैद मौजूद थे।
मुठभेड़ शुरू होते भी जिले में प्रशासन द्वारा मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई ताकि अफवाहों से बचा जा सके। आतंकियों को भगाने में मदद करने के लिए आस-पास के इलाकों से लोगों द्वारा मुठभेड़ स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश की गई लेकिन पहले से इलाके में तैनात सुरक्षाबलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया गया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।