अनुच्छेद 370 हटाए जाने की घोषणा से पूर्व चार अगस्त से बंद पड़ी पोस्टपेड मोबाइल सेवा को घाटी के 10 जिलों में 14 अक्तूबर से बहाल किया जाएगा। वहीं, सरकार ने दावा किया है कि आठ-दस थानों को छोड़कर घाटी के 99 फीसदी इलाके में लोगों की आवाजाही पर किसी भी तरह की पाबंदी नहीं है।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
राज्य सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि जम्मू-कश्मीर में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। समीक्षा के बाद ही चरणवार पाबंदियां हटाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार 14 अक्तूबर की दोपहर बारह बजे से कश्मीर संभाग के सभी दस जिलों में पोस्टपेड मोबाइल सेवा बहाल कर दी जाएगी। सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को इस बारे में निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अब बिना किसी रुकावट के पर्यटक कश्मीर आ सकते हैं। मोबाइल सेवा बहाल होने से पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों को भी सुविधा होगी।
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उन्होंने कहा कि कारोबारियों से लेकर उद्योगपतियों को आतंकियों और अलगाववादियों से डरने की जरूरत नहीं है। सभी अपने रूटीन कामकाज शुरू करें। कहा, जम्मू-कश्मीर के संविधान पर बदलाव के फैसले को लेकर 4 अगस्त से राज्य में पाबंदियां लागू की गई थीं। इस कदम से लोगों के जान-माल की सुरक्षा का लक्ष्य था, जो पूरा हुआ है।
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कंसल ने कहा कि दो माह से लगातार बॉर्डर पार से जम्मू कश्मीर में लोगों में डर पैदा करने और अशांति बनाए रखने की कोशिशें की जा रही हैं। आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के पास पुख्ता इनपुट हैं कि आतंकी राज्य में बड़े हमलों की साजिश रच रहे हैं।
पर्यटकों को विशेष इंटरनेट सुविधा
उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए विशेष इंटरनेट की सुविधाएं भी दी जाएंगी। घाटी में हुई गिरफ्तारियों के बारे में कहा कि इस संबंध में समीक्षा कर रिहाई भी की जा रही है।