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सेना भर्ती रैली: आतंकियों के गढ़ रहे इलाकों के युवा बोले- दहशतगर्दी नहीं, इज्जत भरी जिंदगी चाहिए

Sat, 12 Oct 2019 10:05 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
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सेना भर्ती रैली - फोटो : बासित जरगर
सेना में भर्ती होने के लिए दक्षिणी कश्मीर के आतंक ग्रस्त जिलों से बड़ी संख्या में युवा पहुंचे। 110 रिक्तियों के लिए करीब 3000 युवा पहुंचे। सेना के अनुसार दक्षिणी कश्मीर के युवाओं का सेना में भर्ती होने का रुझान पहले से बेहतर देखने को मिला है। श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र हुमहामा स्थित जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर में शनिवार को भारतीय सेना द्वारा भर्ती रैली का आयोजन किया गया। इसमें दक्षिणी कश्मीर के विभिन्न जिलों से ह़जारों की संख्या में युवा शामिल हुए, जो सेना में भर्ती होने के लिए काफी उत्साहित दिखे।
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सेना भर्ती - फोटो : बासित जरगर
जानकारी के अनुसार इनमें से अधिकतर युवा भाड़े पर टैक्सी कर शुक्रवार शाम को ही हुमहामा पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने रात भी इन्हीं गाड़ियों में रेजिमेंटल सेंटर के बाहर बिताई। इससे साबित होता है कि अब दक्षिणी कश्मीर के युवाओं में भी सेना में भर्ती होने के लिए उत्साह बढ़ा है। भर्ती रैली 21 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इसमें 18 अक्टूबर तक जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर में प्रक्रिया चलेगी।

 
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सेना भर्ती - फोटो : बासित जरगर
सेना की 162 टेरिटोरियल आर्मी रेजिमेंट के कमांडेंट की देखरेख में भर्ती जारी थी। कर्नल आरआर सिंह ने कहा कि शनिवार को पहले दिन केवल दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों के युवाओं के लिए भर्ती थी। 12 से 21 अक्तूबर तक होने वाली भर्ती रैली में 162 इन्फेंट्री बटालियन टीए जैकलाई और 163 इन्फेंट्री बटालियन सिखलाई के लिए भर्ती होनी है। 110 रिक्तियों के लिए पहले दिन फिजिकल में शामिल होने के लिए करीब 3000 युवा पहुंचे। 

 

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सेना भर्ती - फोटो : बासित जरगर
कर्नल आरआर सिंह ने कहा कि आतंक ग्रस्त जिलों से युवाओं का यह रुझान दर्शाता है कि भारतीय सेना के लिए लोगों के दिलों में अच्छी सोच है, खासकर नौजवानों में। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी इन जिलों से अच्छा रुझान देखने को मिला है। लेकिन इस बार कुछ ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया है घाटी के युवाओं को मुख्यधारा में शामिल करने की। सेना यहां के युवकों को देशभक्ति की मिसालें पेश करने के साथ-साथ उन्हें रोज़गार का मौक़ा प्रदान करने की कोशिश करती आई है।  

 
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सेना भर्ती - फोटो : बासित जरगर
‘सही रास्ते को चुनें युवा’ 
भर्ती रैली में शामिल होने के लिए पहुंचे युवाओं में काफी जोश दिखा। कुलगाम के रहने वाले हसीब बशीर, जिसके पिता 1995 में अनंतनाग जिले के सृगुफ्वारा में आतंकी हमले में शहीद हुए थे, उसने कहा कि वह भी पिता की तरह देश सेवा करना चाहता है। उसने कहा कि पिता 3 राष्ट्रीय राइफल्स में थे और गांव के लोग उनके  शौर्य के बारे में बताते हैं। इसलिए मैं भी सेना में जाकर इज्ज़त कमाना चाहता हूं। एक अन्य युवा उमर ने कहा कि यहां बेरोजगारी है और हम इससे बाहर निकलना चाहते हैं। उसने बाकी के युवाओं से भी सेना में शामिल होने की अपील की। उसने कहा कि युवा गलत रास्ते के बजाय किसी सही रास्ते को चुने। 
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सेना भर्ती - फोटो : बासित जरगर
भीड़ को नियंत्रित करना हुआ मुश्किल
हुमहामा के जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर में भर्ती होने के लिए पहुंचे दक्षिणी कश्मीर के युवाओं में रेजिमेंटल सेंटर में दाखिल होने के लिए इतनी बेसब्री थी, वहां उन्हें संभालना मुश्किल हो गया था। युवाओं को एक कतार में खड़ा रख पाना चुनौती भरा काम था, क्योंकि हर कोई जल्दी अंदर घुसना चाहता था। उन्हें नियंत्रित करने के लिए सेंटर के बहार तैनात सैन्य कर्मियों को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई।
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सेना भर्ती - फोटो : बासित जरगर
कैमरा देखते ही छुपाने लगे चेहरा 
दक्षिणी कश्मीर के आतंक ग्रस्त कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों से भले ही हज़ारों की संख्या में युवा सेना भर्ती रैली में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, लेकिन कैमरा देखते ही चेहरा छुपा रहे थे। वह पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाह रहे थे, क्योंकि इससे पहले कई बार आतंकियों द्वारा सेना के जवानों या उनके परिवार वालों को दक्षिणी कश्मीर में निशाना बनाया गया है।   
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