एशिया के सबसे बड़े सवा नौ किलोमीटर लंबी चिनैनी-नाशरी टनल से इस बार श्री अमरनाथ यात्रियों के गुजरने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। टनल को पूरा करने का काम जोरशोर से जारी है और वह आखिरी चरण में है।
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- फोटो : Amar Ujala
दरअसल टनल में अभी काफी काम बाकी है। टनल में सड़क पर कंक्रीट डालने सहित अन्य काम तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि सेफ्टी सिस्टम, वैंटीलेशन और लाइट सिस्टम का काम भी चल ही रहा है। वर्तमान में चिनैनी (उधमपुर) से नाशरी (रामबन) की दूरी करीब 41 किलोमीटर है तथा नौ किलोमीटर टनल बन जाने से यात्रियों के लिए 32 किलोमीटर का सफर एक तरफ से कम होगा। जिससे पेट्रोल व डीजल की खपत जहां कम होगी वहीं, डेढ़ घंटे का सफर भी करीब दस मिनट में पूरा होगा।
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- फोटो : Amar Ujala
बताया गया कि पहले टनल को गाड़ियों के लिए खोलने का समय 30 मई 2016 था, लेकिन कुदरती आपदा और अन्य कारणों के चलते अब टनल को अगस्त तक खोली जा सकती है। 3720 करोड़ रुपये की लागत से चिनैनी-नाशरी टनल बन रही है।
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- फोटो : Amar Ujala
जून के अंतिम सप्ताह या फिर जुलाई में सड़क और अन्य काम पूरे हो जाएंगे। उसके बाद सेफ्टी सिस्टम में समय लगेगा। साथ ही वैंटीलेशन व लाइट सिस्टम टेस्ट होंगे। टलन के बाहर वैंटीलेशन इमारत भी बन रही है।
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- फोटो : Amar Ujala
गौरतलब है कि टनल खुलने से करीब 31 किलोमीटर के सफर का फर्क पड़ जाएगा, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा साथ ही पेट्रोल भी कम खर्च होगा।
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- फोटो : Amar Ujala
टनल के अंदर हर छह सौ मीटर पर लेवाई यानी सड़क चौड़ी होगी, जिसमें टनल में खराब वाहनों को लाया जाएगा, ताकि टनल के अंदर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। कई स्थानों पर क्रेन भी होगी।
टनल के अंदर हर तीन सौ मीटर पर क्रासिंग है, जिसका रास्ता छोटे टनल में होगा। चिनैनी नाशरी में एक बड़ा टनल है और एक छोटा टनल है। छोटा टनल आपात स्थिति में काम आएगा। अब हर किसी की नजर एशिया के सबसे बड़े टनल पर है।