स्कूल और राष्ट्रीय स्तर पर स्केटिंग में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले चंदीप पैरा ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है। चंदीप के जुनून को चंडीगढ़ में गत नवंबर को हुए एक समारोह में फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह भी सलाम कर चुके हैं।
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चंदीप सिंह के जज्बे के कायल हैं फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह
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फुटबाल के खिलाड़ी रहे चंदीप सिंह (16) की जनवरी 2011 को एक दर्दनाक हादसे ने जिंदगी बदल दी। छन्नी हिम्मत जम्मू में छत पर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से चंदीप दोनों बाजू गंवा बैठा।
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उस समय लगा सब कुछ खत्म हो गया है, लेकिन फिर उठने की हिम्मत जुटाकर चंदीप ने जिंदगी से संघर्ष करना सीख लिया। इस हादसे के बाद चंदीप ने स्केटिंग का चयन किया और आगे ही बढ़ता चला गया।
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मंसूरी में वर्ष 2012 में आल इंडिया रोलर स्पीड स्केटिंग में चंदीप ने कांस्य पदक हासिल कर सबको हैरत में डाल दिया। रिंग में चंदीप की स्पीड के आगे कोई टिक नहीं पाता है। 12वीं कक्षा का चंदीप सीबीएसई कलस्टर प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुका है।
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चंदीप की पढ़ाई और उसकी दिनचर्या की गतिविधियों में उसकी बड़ी बहन रसलीन कौर मदद करती है। चंदीप पांव से लिखना, कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट फोन आदि गतिविधियां कर लेता है।
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वह हाल ही में बेलगाम (कर्नाटक) में स्कूल नेशनल स्केटिंग चैंपियनशिप में शिरकत करके लौटा है। उसका कहना है कि आगामी ओलंपिक में अगर पैरा ओलंपिक शामिल होती है तो वह स्केटिंग में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयारी करेगा। पिता सुरेंद्र सिंह और माता जगप्रीत कौर भी चंदीप के जोश को बढ़ाने में हर कदम साथ रहे हैं।