माता वैष्णो देवी के दरबार में नए साल पर रात करीब 2.15 बजे भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। मरने वालों में ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और दिल्ली के हैं। यह हादसा गर्भगृह के बाहर गेट नंबर तीन के पास हुआ। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। हादसे के बाद लगभग तीन घंटे तक यात्रा को रोक दिया गया। सुबह छह बजे के बाद श्रद्धालुओं को भवन के लिए रवाना किया गया। हादसे में मारे गए लोगों के परिवार वालों को 12-12 लाख एवं घायलों को ढाई-ढाई लाख रुपये आर्थिक मदद की घोषणा कर दी गई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर शोक जताया है। वहीं, भगदड़ के समय मौके पर मौजूद लोगों ने श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के इंतजामों और भवन के पास भीड़ नियंत्रण के लिए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
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वैष्णो देवी यात्रा की भीड़ के बारे में जानकारी देने वाले
- फोटो : अमर उजाला
भगदड़ में बाल-बाल बचे एक व्यक्ति ने कहा कि वे दस लोगों के साथ यात्रा के लिए आए थे। रात को ऐसे ही हालत भगदड़ से पहले भी बने थे, लेकिन ऐन मौके पर स्थिति संभाल ली गई। दूसरी बार भीड़ ऐसी बेकाबू हुई कि उसे संभालना किसी के बस में नहीं रहा। एक श्रद्धालु ने कहा कि वह पहले भी यात्रा कर चुके हैं लेकिन इतनी भीड़ इससे पहले कभी नहीं देखी।
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वैष्णो देवी में हादसे के बाद प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
चेता रही थी पुलिस, यहीं रुक जाओ, मच सकती है भगदड़
ग्वालियर के प्रेम सिंह ने कहा कि यात्रा मार्ग पर कोविड गाइडलाइन का कहीं पालन नजर नहीं आया। बिना मास्क के पहुंचे हजारों लोग भवन के पास इस कदर उमड़े कि पुलिस ने भी हाथ खड़े कर दिए। पुलिस कर्मी लोगों से कह रहे थे, आगे मत बढ़ो, यहीं रुक जाओ। भदगड़ मच सकती है।
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डीजीपी दिलबाग सिंह
- फोटो : ANI
कुछ युवाओं के बीच कहासुनी के कारण हुई भगदड़: डीजीपी
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि कुछ युवाओं के बीच मामूली कहासुनी के कारण वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में भगदड़ की स्थिति बनी, जिसमें दुर्भाग्य से 12 लोगों की मौत हो गई। घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस एवं अन्य अधिकारियों ने स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया।
घटनास्थल से मिली सूचना के अनुसार कुछ युवा लड़कों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और कुछ ही सेकेंड के भीतर भगदड़ मच गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और भीड़ में व्यवस्था तुरंत बहाल कर ली गई लेकिन उस वक्त तक नुकसान हो चुका था। 16 घायलों को फौरन पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया।