1971 युद्ध की स्वर्ण जयंती का आयोजन
- फोटो : भारतीय सेना
निदेशक सैनिक कल्याण ने उत्सव की अवधारणा पर प्रकाश डाला। जिसका उद्देश्य नागरिकों को विशेष रूप से युवाओं को सशस्त्र बलों, जांबाजों और वीर नारियों के बारे में जानकारी देना एवं राष्ट्रप्रेम की भावना जगाना रहा। निदेशक, सैनिक कल्याण ने रक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने में नागरिक समाज द्वारा निभाई जा सकने वाली महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
1971 युद्ध की स्वर्ण जयंती का आयोजन
- फोटो : भारतीय सेना
इस अवसर पर अपने संबोधन में फारूक खान ने वीर सपूतों द्वारा प्रदर्शित राष्ट्रीय एकता, समर्पण और बलिदान की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि नागरिकों, गैर सरकारी संगठनों को शहीदों के परिवारों से संपर्क बनाए रखने और उनके समृद्ध अनुभव से सबक लेने की आवश्यकता है। छात्रों को हमारे बहादुर सैनिकों की वीरता और बलिदान की कहानियों से प्रेरणा मिलेगी।
1971 युद्ध की स्वर्ण जयंती का आयोजन
- फोटो : भारतीय सेना