गांव के प्रवेश द्वार पर चिपका नोटिस
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स्थानीय निवासी मुदसिर अहमद ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर गांव के लोगों ने एक कमेटी गठित की। इसमें फैसला लिया गया कि अगर गांव को कोरोना से बचाना है तो किसी को बिना हाथ धोए अंदर नहीं आने देना है चाहे वह बाहर वाला हो या फिर गांव का ही हो।यही नहीं इस फैसले को सुनिश्चित बनाने के लिए गांव के युवा अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। मुदसिर के अनुसार गांव की शुरुआत में ही पत्थरों पर और वहां बनी पानी की टंकी पर इस संबंधी संदेश भी लगा दिए गए हैं। हाथ धोने के लिए साबुन, हैंड सेनिटाइजर, आदि सामान भी रख दिया है।