फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लद्दाख में रुकने लगा कोरोना का कहर, अबतक प्रशासन और लोगों ने जो किया वो किसी नजीर से कम नहीं

Tue, 31 Mar 2020 01:31 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 6
लद्दाख में लॉकडाउन
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लॉकडाउन की सख्ती का असर दिखने लगा है। शुरुआती चरण मेें तेजी से सामने आए कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पिछले 11 दिन से रुक गया है। देश-दुनिया से अलग थलग रहने वाला लद्दाख चूंकि एयर कनेक्टिविटी पर ज्यादा निर्भर है। ऐसे में यहां कोरोना वायरस की महामारी से बड़ा संकट बना हुआ था। वर्तमान में लद्दाख की सभी सीमाएं सील हैं।

 
विज्ञापन

2 of 6
लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
कुल 13 पॉजिटिव मामलों में से तीन पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं जबकि दस मरीजों का उपचार चल रहा है। प्रशासन की सख्ती और लोगाें के सहयोग से अब पिछले 11 दिन से कोई नया मामला सामने नहीं आया है। लद्दाख के स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सचिव रिगजिन सैंफेल के अनुसार कोरोना की भावी चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र से 100 वेंटिलेटर मंगाए गए हैं।

 
विज्ञापन

3 of 6
गांव के प्रवेश द्वार पर चिपका नोटिस - फोटो : अमर उजाला
जल्द ही सप्लाई पहुंचने पर लद्दाख में वेंटिलेटरों की संख्या 127 हो जाएगी। लेह में एक सोसायटी के अस्पताल और कारगिल में जेएनएम स्कूल को कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। करीब डेढ़ हफ्ते से कोई नया मामला पॉजिटिव नहीं आया है। इसके बावजूद इसके एहतियात बरतते हुए हर संभव स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।

 

4 of 6
गांव के प्रवेश द्वार पर चिपका नोटिस - फोटो : अमर उजाला
उधर, कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लद्दाख के कारगिल जिले के लातू गांव के लोगों ने नई पहल की है। ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश द्वार पर नोटिस चिपका दिए हैं कि कोई भी बिना हाथ धोए गांव में प्रवेश न करे। इस पहल की प्रशासन ने भी सराहना की है। कारगिल टाउन से करीब 25 किलोमीटर दूर एलओसी के करीब बसे लातू गांव में करीब 45 घर हैं। कारगिल के जिला उपायुक्त बसीरुल हक चौधरी ने गांव वालों की इस पहल को बाकी गांवों के लिए एक रोल मॉडल बताया है। चौधरी ने ट्वीट में लिखा...लातू गांव रोल मॉडल। इस पहल के साथ कई और गांव भी जुड़ेंगे।
 
 
विज्ञापन

5 of 6
गांव के प्रवेश द्वार पर चिपका नोटिस - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी मुदसिर अहमद ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर गांव के लोगों ने एक कमेटी गठित की। इसमें फैसला लिया गया कि अगर गांव को कोरोना से बचाना है तो किसी को बिना हाथ धोए अंदर नहीं आने देना है चाहे वह बाहर वाला हो या फिर गांव का ही हो।यही नहीं इस फैसले को सुनिश्चित बनाने के लिए गांव के युवा अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। मुदसिर के अनुसार गांव की शुरुआत में ही पत्थरों पर और वहां बनी पानी की टंकी पर इस संबंधी संदेश भी लगा दिए गए हैं। हाथ धोने के लिए साबुन, हैंड सेनिटाइजर, आदि सामान भी रख दिया है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल - फोटो : Social media
उधर, लद्दाख के सांसद जम्यांग सेरिंग नामग्याल ने कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में अपना एक माह का वेतन प्रधानमंत्री सहायता कोष में दिया है। साथ ही उन्होंने लेह व कारगिल जिले के लिए सांसद निधि से एक करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें