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हंसीं वादियों को लगी कोरोना की नजर, ट्यूलिप गार्डेन में फूल तो खिले हैं पर सन्नाटे के सिवा कुछ भी नहीं

Mon, 30 Mar 2020 06:39 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन कोरोना वायरस के बाद हुए लॉकडाउन के चलते सूना पड़ा है। ट्यूलिप से गुलजार रहने वाली घाटी में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले वर्ष 2.58 लाख लोग ट्यूलिप देखने के लिए पहुंचे थे जिनमें स्थानीय और गैर स्थानीय लोग भी शामिल थे।
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
इस बार उम्मीद थी कि ट्यूलिप गार्डन में आने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, लेकिन कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण ऐसा संभव नहीं हुआ।

 
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
इस बार ट्यूलिप की संख्या बढ़ाकर 13 लाख की गई थी। इतना ही नहीं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए इस बार 4 नई किस्म के ट्यूलिप विदेश से आयात किए गए थे।

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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
  
बता दें कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से घाटी में पर्यटन को पहुंचे नुकसान की भरपाई इस ट्यूलिप गार्डन के खुलने पर निर्भर थी। उम्मीद लगाई जा रही थी कि चार से पांच लाख पर्यटक इस बार इस गार्डन को देखने के लिए आएंगे।
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : बासित जरगर
17 मार्च को प्रशासन ने कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण इसे बंद करने का फैसला लिया।
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