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लद्दाख: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पहुंचे जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा करने, कहा यह टनल निभाएगी अहम भूमिका

Sun, 26 Sep 2021 12:32 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : ani

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने लद्दाख के कारगिल इलाके को कश्मीर घाटी के साथ जोड़ने वाली जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 13.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग श्रीनगर-कारगिल-लेह को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और भारत सरकार इसके निर्माण पर तेजी से काम कर रही है और इस पर तेजी से काम चल रहा है। बता दें कि इस टनल का निर्माण पूरा होने के बाद लद्दाख की राजधानी लेह और जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बीच पूरे साल आवागमन करना संभव हो पाएगा और दोनों के बीच के सफर में तकरीबन 3 घंटे का समय कम लगेगा। फिलहाल 11,578 फुट की ऊंचाई पर जोजिला दर्रे में नवंबर से अप्रैल तक साल के छह महीने भारी बर्फबारी होने के कारण एनएच-1 यानी श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन बंद रहता है। अभी इसे वाहन चलाने के लिए दुनिया की सबसे खतरनाक हिस्से के तौर पर पहचाना जाता है। यह परियोजना द्रास व कारगिल सेक्टर से गुजरने के कारण अपने भू-रणनीतिक स्थिति के चलते भी बेहद संवेदनशील है।

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जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : ani
पूरी होगी 30 साल पुरानी मांग
करीब 30 साल से कारगिल, द्रास और लद्दाख क्षेत्रों की जनता जोजिला टनल के निर्माण की मांग करीब 30 साल से उठा रही है। इसके निर्माण से एनएच-1 पर बर्फीले तूफानों से होने वाले हादसों से भी बचाव हो पाएगा, जिससे सुरक्षित यात्रा का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान यूपीए सरकार ने इसके निर्माण के प्रयास चालू किए थे, लेकिन तीन बार टेंडर निकाले जाने पर भी कोई कंपनी नहीं मिली थी।
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जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : ani
2018 में रखी गई नींव, आईएलएंडएफएस घोटाले ने की देर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई, 2018 में इस परियोजना की नींव का पत्थर रखा था और इसके निर्माण की जिम्मेदारी आईएलएंडएफएस को सौंपी गई। लेकिन इस कंपनी के वित्तीय संकट में फंसकर दिवालिया घोषित होने तक पहुंच जाने के कारण 15 जनवरी, 2019 को उसका कांट्रेक्ट रद्द कर दिया गया।

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जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : ani
इस साल फरवरी में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने परियोजना की समीक्षा की और दोनों सड़क एक ही टनल में बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसके चलते पहले 10,643 करोड़ रुपये के कुल खर्च वाले इस प्रोजेक्ट की लागत कम हो गई।
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जोजिला टनल के निर्माण कार्य की समीक्षा करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर - फोटो : ani
इसके बाद 4509,5 करोड़ रुपये का टेंडर डालने वाली मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। अब प्रोजेक्ट की कुुल लागत 6808.63 करोड़ रुपये बैैठेगी यानी सरकार को करीब 3835 करोड़ रुपये की बचत होगी।

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