कश्मीर संभाग में कुलगाम जिले के वनपुह गांव में आतंकियों की बर्बरता ने एक हंसते-खेलते कश्मीरी पंडित बंटू शर्मा के परिवार की खुशियां छीन लीं। आतंकियों ने इस घर के इकलौते चिराग को बुझा दिया। वह घर में अकेला कमाने वाला था। 1990 के दशक के आतंकवाद को देख चुके इस परिवार का हौसला कोई नहीं तोड़ पाया और विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए उन्होंने पलायन के बारे में भी नहीं सोचा। बंटू शर्मा की हत्या के बारे में जिसने भी सुना, वह पीड़ित परिवार को सहानुभूति देने के लिए पहुंचा।
गौरतलब है कि शुक्रवार को आतंकियों ने पुलिस में बतौर फॉलोवर काम कर रहे बंटू शर्मा को नजदीक से गोली मारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। जैसे ही वनपुह इलाके में इसकी सूचना पहुंची, मातम पसर गया। बंटू के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के गांव वाले और पड़ोसी कश्मीरी पंडित बंटू शर्मा के घर पहुंचे।