5 अगस्त को नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने का एलान किया। इस फैसले को सार्वजनिक करने से पहले जम्मू-कश्मीर में सेना की तैनाती बढ़ा दी गई थी। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को नजरबंद किया गया। विपक्ष के हंगामे के बीच राज्य सभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पास हो गया। पक्ष में 125 तो विरोध में 61 वोट पड़े।
विज्ञापन
2 of 28
पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह
जम्मू-कश्मीर को लेकर चल रही कयासबाजी के बीच मुख्य चर्चा अनुच्छेद 35-ए खत्म करने के इर्द गिर्द थी। हालांकि सोमवार सुबह 11:02 बजे राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 खत्म करने का संकल्प और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पेश किया तो विपक्ष के साथ पूरा देश हक्का-बक्का रह गया। थोड़ी देर तक किसी के समझ में कुछ नहीं आया। जब समझ में आया तो पीडीपी के दो सांसदों मीर मोहम्मद फैयान और नजीर अहमद ने पहले कपड़े फाडने शुरू कर दिए। बाद में संविधान की प्रतियां भी फाड़ी।
विज्ञापन
3 of 28
अमित शाह
इससे पहले पर्यटकों को तत्काल वापस बुलाने, कश्मीर घाटी में अर्धसैनिक बलों की ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराने के कारण भी अफवाहों का बाजार गर्म था। यहां तक कि पीएम आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक के बाद भी किसी को भनक नहीं लगी कि सरकार का निशाना अनुच्छेद 370 है न कि अनुच्छेद 35-ए। रहस्य की परतें अंत समय में तब खुली जब शाह ने अचानक अनुच्छेद 370 खत्म करने संबंधी संकल्प और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पेश किया।
4 of 28
लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह, उत्तरी कमान
श्रीनगर में मंगलवार 6 अगस्त को सेना की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ कोर ग्रुप की एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सेना के नॉर्दर्न कमांड के शीर्ष कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने की। इसका उद्देश्य सेना और खुफिया एजेंसियों को किसी भी परिस्थति के लिए तैयार रखना है।
विज्ञापन
5 of 28
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह
मोदी-शाह की सियासी जोड़ी ने इस मास्टर स्ट्रोक के जरिए न सिर्फ विपक्ष को चारों खाने चित किया, बल्कि चुनावी राज्यों हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के लिए राष्ट्रवाद की मजबूत जमीन तैयार कर दी। इन तीनों ही राज्यों में इसी साल अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस दांव के बाद इन राज्यों में स्थानीय और नेतृत्व का मुद्दा गौण हो जाएगा।
विज्ञापन
6 of 28
पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा होकेन
भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संवैधानिक अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने का बड़ा फैसला किया है। कश्मीर को लेकर पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा होकेन ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। मावरा ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर धारा 370 पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। मावरा ने लिखा - आज की रात मैं सो नहीं पाऊंगी।
विज्ञापन
7 of 28
शाहिद अफरीदी
पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अफरीदी ने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में दखल देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत उनके अधिकार मिलने चाहिए।
8 of 28
इमरान खान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद पुलवामा जैसे हमले की आशंका प्रकट करते हुए कहा कि इससे पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध छिड़ सकता है। संसद की असाधारण संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने आगाह किया, "यह ऐसा युद्ध होगा जिसे कोई नहीं जीतेगा और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।"
9 of 28
बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अनुच्छेद-370 व 35ए हटाने संबंधी पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है वहां के लोगों की बहुत पुरानी मांग पूरी हुई है। मायावती ने ट्वीट कर कहा कि संविधान की सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक न्याय की मंशा को देश भर में लागू करने के लिए जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने संबंधी अनुच्छेद-370 व 35 ए को हटाने की मांग काफी समय से थी। अब बीएसपी उम्मीद करती है कि इस संबंध में केंद्र के फैसले का सही लाभ वहां के लोगों को आगे मिल सकेगा।
10 of 28
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश
- फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र के दौरान संसद में हुई चर्चा पर सभी संसद सदस्यों को बधाई दी। इसके साथ ही कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को भी गर्व होगा कि उनके भविष्य से जुड़ा विधेयक दोनों सदनों में भारी अंतरों से पास हुआ।
11 of 28
एनएसए अजीत डोभाल
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने श्रीनगर के राजभवन में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की। राज्यपाल और एनएसए ने जम्मू-कश्मीर में बाहरी और आंतरिक सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। अनुच्छेद 370 हटने के बाद राज्यपाल और अजीत डोभाल की यह मुलाकात सुरक्षा के साथ और भी कई मामलों में बेहद खास है। अजीत डोभाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था करें कि आम लोगों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। आवश्यक खाद्य आपूर्ति और आपातकालीन सहायता लोगों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए।
12 of 28
ज्योतिरादित्य सिंधिया
कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया है। सिंधिया ने ट्वीट किया कि "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर उठाए गए कदम और भारत देश मे उनके पूर्ण रूप से एकीकरण का मैं समर्थन करता हूं"। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि "संवैधानिक प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन किया जाता तो बेहतर होता, साथ ही कोई प्रश्न भी खड़े नहीं होते। लेकिन ये फैसला राष्ट्र हित में लिया गया है और मैं इसका समर्थन करता हूं"।
लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग ने अनुच्छेद 370 को लेकर लोकसभा में जोरदार भाषण दिया। उनके भाषण पर सत्ता पक्ष ने खूब मेजें थपथपाईं। भाषण के दौरान सदन में कई बार ठहाके लगे। गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सेरिंग के संबोधन का मेज थपथपाकर स्वागत किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी उनकी तारीफ की। जामयांग सेरिंग ने अपने भाषण में कहा कि हम किसी भी हालत में कश्मीर के साथ नहीं रहना चाहते थे लेकिन पिछली सरकारों ने हमारे पक्ष को जानने की कोशिश ही नहीं की। हमारी पहचान और भाषा, अनुच्छेद 370 और कांग्रेस की वजह से लुप्त हुई है।
14 of 28
जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह
- फोटो : ani
जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप-मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने अपनी गाड़ी में लगे जम्मू-कश्मीर के झंडे को को उतार दिया। यह कदम उन्होंने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के लोकसभा और राज्यसभा में पास हो जाने के बाद उठाया।
15 of 28
फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : अमर उजाला
नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख तथा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है। मुझे इस बात का दुख है कि गृह मंत्री संसद में इस तरह से झूठ बोल रहे हैं। इस दौरान वे रो भी पड़े। भावुक होते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के विभाजन के बाद अब सरकार क्या हमारे दिलों को भी बांटेगी। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार टिप्पणी करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में तानाशाही शासन लागू किया गया है न कि लोकतांत्रिक।
16 of 28
भारत पाकिस्तान बॉर्डर
जम्मू कश्मीर के मौजूदा हालात के चलते पाकिस्तान बौखलाहट में है। वह बॉर्डर और एलओसी से घुसपैठ कराकर खून खराबे की बड़ी साजिश में है। पुंछ और कुपवाड़ा जिलों की एलओसी और पंजाब के साथ लगते कठुआ बॉर्डर से घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए बॉर्डर और एलओसी पर सतर्कता बढ़ा दी गई।
17 of 28
शोपियां में लोगों के साथ खाना खाते अजीत डोभाल
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। कश्मीर के अपने दौरे के दूसरे दिन उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही आम कश्मीरियों में विश्वास की बहाली की दिशा में पहल की। आतंकवादग्रस्त दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में सड़क पर आम लोगों से मिलकर उनके साथ खाना खाया। उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका हित सुरक्षित है। इसे आंच नहीं आने दिया जाएगा।
18 of 28
मुख्तार अब्बास नकवी
- फोटो : amar ujala
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने के सरकार के फैसले को सत्तापक्ष ऐतिहासिक बता रहा है तो ज्यादातर विपक्षी दल इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि अब 370 वापस नहीं आने वाला है क्योंकि यह मोदी सरकार है।
19 of 28
डी राजा
- फोटो : ANI
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने के राजग सरकार के कदम को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताते हुए रविवार को कहा कि कश्मीर में हालात सामान्य नहीं हैं।
20 of 28
गुलाम नबी आजाद
कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद को जम्मू-कश्मीर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। यही नहीं इसके बाद उन्हें वापस दिल्ली उल्टे पांव भेज दिया गया। गौरतलब हो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद श्रीनगर पहुंचे थे।
21 of 28
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी
लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान बिलकुल भाजपा नेताओं की तरह होते हैं और उन्हें जम्मू-कश्मीर में भाजपा का नेता बना देना चाहिए। चौधरी ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल को राज्य भाजपा इकाई का अध्यक्ष बना देना चाहिए। उनकी टिप्पणी और बयान बिलकुल भाजपा नेताओं की तरह होते हैं। जिस तरह से वह बात करते हैं वह राज्यपाल के संवैधानिक कार्यालय की सत्यनिष्ठा को बरकरार नहीं रखता है।'
22 of 28
राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान ' जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान बिलकुल भाजपा नेताओं की तरह होते हैं और उन्हें जम्मू-कश्मीर में भाजपा का नेता बना देना चाहिए' का राज्यपाल मलिक ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि संसद में अधीर रंजन ने जो कहा उससे उन्होंने अपनी पार्टी को कब्र में दफन कर दिया। तंज कसते हुए मलिक बोले कि मैं उसके ज्ञान पर क्या कह सकता हूं? मैं अपना काम पूरी निष्ठा से कर रहा हूं, मुझे इन आरोपों की परवाह नहीं है।
23 of 28
राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शनिवार दोपहर कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रमुख प्रावधानों को हटाए जाने के बाद वहां की स्थिति का जायजा लेने श्रीनगर पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने सभी को श्रीनगर हवाई अड्डे पर ही रोक लिया और काफी हंगामे के बाद सभी को वापस दिल्ली लौटा दिया गया।
24 of 28
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि राहुल गांधी मेरे निमंत्रण को एक व्यापार समझ बैठे। मैंने कहा था कि अगर आप हम पर विश्वास नहीं करते हैं तो आओ और घाटी का दौरा करो। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं नजरबंद लोगों, नेताओं और सेना से मिलूंगा। इन बातों के लेकर मैंने कहा कि मैं इन शर्तों को स्वीकार नहीं कर सकता और इसे प्रशासन पर छोड़ दूंगा।
25 of 28
प्रियंका गांधी
- फोटो : amar ujala
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर कश्मीर में लगे प्रतिबंधों को लेकर निशाना साधा है और उसपर घाटी के लोगों को चुप कराकर देश विरोधी कदम उठाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में दो ट्वीट किए। इससे एक दिन पहले यानी शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कश्मीर घाटी गया था। हालांकि उन्हें श्रीनगर हवाई अड्डे से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी गई और वापस भेज दिया गया।
26 of 28
पीएम मोदी
केंद्र की सत्ता में आने के बाद अपने हर फैसले से चौंकने के लिए मजबूर करने वाले पीएम मोदी ने दूसरी बार शपथ लेने के बाद यह सिलसिला जारी रखा है। पहले कार्यकाल में पीएम मोदी ने अचानक नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के फैसले की कानों-कान खबर नहीं लगने दी थी। मंत्रिमंडल विस्तार में भी नौकरशाह हरदीप पुरी, केजे अलफांस को शामिल कर हैरान किया था। दूसरी पारी में विदेश सचिव रहे एस जयशंकर को सीधे विदेश मंत्री बना कर तो अब अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर को दो हिस्से में बांट कर सबको चौंकने के लिए मजबूर किया।
27 of 28
अमित शाह
बतौर भाजपा अध्यक्ष सांगठनिक मामलों में अपनी दक्षता का लोहा मनवा चुके गृह मंत्री अमित शाह का सियासी कद मिशन कश्मीर ने बहुत बढ़ा दिया है। गृह मंत्री का पदभार संभालने के बाद से ही शाह ने आतंकवाद और कश्मीर को मुख्य एजेंडे में शामिल किया। पहले गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम संशोधन बिल पर उन्होंने राज्यसभा की मुहर लगवा कर सबको चौंकाया।
अनुच्छेद 370 खत्म करने में सबसे बड़ी भूमिकानिभा कर अपना सियासी कद बड़ा कर लिया। गौरतलब है कि कश्मीर का मुद्दा पूरे देश और खासतौर से भाजपा को सीधे प्रभावित करती रहा है। इससे पहले दो बार सरकार बनने के बावजूद पार्टी और सरकारें कश्मीर के संदर्भ में कुछ नहीं कर पाई थी।