कश्मीर में घूमने पहुंचे पर्यटक
- फोटो : बासित जरगर
लंबे शुष्क मौसम से गर्मी का बढ़ जाता है प्रभाव : निदेशक
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक डा. मुख्तियार अहमद के अनुसार जब गर्मियों के पीक सीजन में लंबे समय तक शुष्क मौसम (ड्राई स्पेल) रहता है तो उस समय लू का प्रभाव बढ़ जाता है। इससे पहले भी जम्मू समेत अन्य हिस्सों में अधिकतम तापमान अधिक रहा है। कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में गर्मी बढ़ने का भी यही कारण है। हालांकि जलवायु परिवर्तन सहित अन्य कारणों से वैश्विक स्तर पर तापमान में उछाल को भी नकारा नहीं जा सकता है। पिछले साल सितंबर में भी अधिक गर्मी झेलनी पड़ी थी। उम्मीद है कि आगामी मानसून से हालात सामान्य हो जाएंगे।
जून महीने में सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि 12 से 18 जून के बीच मानसून में कोई प्रगति नहीं हुई है, जिसके चलते जून के महीने में भारत में सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में मानसून पहुंच सकता है।
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