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जम्मू-कश्मीरः चुनौतियों से भरा है स्वतंत्रता दिवस समारोह, जैश-ए-मोहम्मद रच रहा साजिश, जवान मुस्तैद

Wed, 14 Aug 2019 12:02 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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कश्मीर मे तैनात सुरक्षाकर्मी
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर की पहली ईद शांतिपूर्वक मनाई गई है। अब सुरक्षाबलों के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्वक संपन्न कराना चुनौती होगी। तमाम सुरक्षा एजेंसियों को स्वतंत्रता दिवस पर अधिक सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। इसके लिए सभी ने अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिले को छोड़कर अन्य में अभी धारा 144 लागू है। कश्मीर संभाग में तो इसके तहत सख्त पाबंदियां हैं। जगह-जगह सुरक्षाबलों का कड़ा पहरा है।
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कश्मीर मे तैनात सुरक्षाकर्मी
खुफिया एजेंसियों के पास लगातार इनपुट आ रहे हैं कि जैश-ए-मोहम्मद सहित कुछ अन्य संगठन मिलकर पर्व पर बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं, खासकर कश्मीर में। इससे निपटना बड़ी चुनौती है। कुछ शरारती तत्व स्वतंत्रता दिवस पर सांप्रदायिक माहौल भी खराब कर सकते हैं। राजोरी, पुंछ, रामबन, किश्तवाड़, उधमपुर और जम्मू में शरारती तत्व माहौल खराब कर सकते हैं। इस पर भी पुलिस एवं प्रशासन की पूरी नजर है।

 
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कश्मीर मे तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
किश्तवाड़ और राजोरी जिला संवेदनशील है। यहां जरा सी अफवाह पर माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। इसलिए पुलिस और प्रशासन की इन दोनों जिलों पर विशेष नजर है। सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के कुछ जिलों में स्वतंत्रता दिवस के बाद से मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू की जा सकती है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर डीजीपी दिलबाग सिंह और जम्मू के डिवकाम संजीव वर्मा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया।

 

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कश्मीर मे तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
पांच अगस्त के बाद पांच जिलों को छोड़कर मोबाइल सेवा, लैंडलाइन सेवा पूरी तरह से ठप कर दी गई थी। इसकी वजह से तमाम पुलिस अफसरों के मोबाइल फोन भी बंद कर दिए गए।
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कश्मीर मे तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को आपस में बात करने के लिए सेटेलाइट फोन दिए गए थे। अब काफी जिलों में पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर काम करने शुरू हो गए हैं। कुछ जिलों में लैंडलाइन सेवाएं भी शुरू की गई हैं। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी सहित जिला पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी काम करने लगे हैं।  




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