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युद्ध की स्थिति में चीन को चकरघिन्नी बना सकती है आईएनएस वेला, ये हैं खासियतें

Wed, 17 Jun 2020 02:39 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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आईएनएस वेला - फोटो : PTI
चीन से तनाव के चलते भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल रखा है। सूत्रों का कहना है कि चीन की हर हरकत का जवाब देने के लिए लद्दाख में तैनात सुरक्षाबलों को आपातकालीन शक्तियां भी प्रदान कर दी गई हैं। इसी क्रम में आपको बताते हैं भारतीय नैसेना की पनडुब्बी आईएनएस वेला के बारे में, जोकि चीन की मुश्किलें बढ़ा देगी। जानते हैं आईएनएस वेला से जुड़ी कुछ खास बातें... 
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आईएनएस वेला - फोटो : PTI
वेला' एक स्वदेशी पनडुब्बी है, जो 'मेक इन इंडिया' के तहत तैयार की गई है। अपने आधुनिक फीचर्स की वजह से यह दुश्मन को ढूंढकर उस पर सटीक निशाना लगा सकती है। 

 
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आईएनएस वेला - फोटो : PTI
आईएनएस वेला स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की तकनीकों से लैस है। जिससे इसका पता लगाना दुश्मनों के लिए आसान नहीं होगा।

 

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आईएनएस वेला - फोटो : ANI
आईएनएस वेला टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल से हमला करने में सक्षम है।
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आईएनएस वेला - फोटो : सोशल मीडिया
युद्ध की स्थिति में वेला पनडुब्बी हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती है। 

 
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आईएनएस वेला - फोटो : सोशल मीडिया
वेला की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएगी। इसके अलावा इससे जमीन पर भी आसानी से हमला किया जा सकता है। 

 
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आईएनएस वेला - फोटो : सोशल मीडिया
इस पनडुब्बी का इस्तेमाल हर तरह के वॉरफेयर, ऐंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस के काम में भी किया जा सकता है। इस पनडुब्बी को मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने फ्रांसीसी कंपनी मेसर्स नेवल ग्रुप (पहले डीसीएनएस) के साथ ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के करार के तहत बनाया है।
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आईएनएस वेला - फोटो : सोशल मीडिया
स्कॉर्पियन क्लास की छह पनडुब्बियों में से भारत को तीन पनडुब्बी आईएनएस कलवारी, खांडेरी और करंज पहले ही मिल चुकी हैं। भारत सरकार ने 2005 में फ्रांसीसी कंपनी मेसर्स नेवल ग्रुप (पहले डीसीएनएस) के साथ ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के तहत करार किया था। इस सौदा की कीमत 3.5 बिलियन यूएस डॉलर थी।
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