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तस्वीरेंः उपराज्यपाल सिन्हा ने शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में फहराया तिरंगा, इन महापुरुषों को किया याद

Sat, 15 Aug 2020 02:38 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस समारोह - फोटो : बासित जरगर
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में 74 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया। उपराज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2019 के संवैधानिक परिवर्तन से जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति और विकास के एक नए युग की शुरुआत हुई है। उपराज्यपाल ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर की तस्वीर बदलने के लिए पांच मंत्र तय किए गए हैं। जिनमें विकास, शांति, प्रगति, पारदर्शिता और सामाजिक सद्भाव शामिल हैं।
 
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जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस समारोह - फोटो : बासित जरगर
इसके साथ ही उपराज्यपाल ने कोरोना महामारी से लोगों को बचाने में जुटे चिकित्सा कर्मियों (कोरोना वारियर्स) को अब 25 लाख का अतिरिक्त अनुग्रह बीमा कवर की घोषणा भी की। इससे पहले चिकित्सा कर्मचारियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज, बीमा योजना के तहत 50 लाख का कवर दिया जा रहा था। अब कोरोना से चिकित्सा कर्मचारियों की मौत पर उनके परिजनों को 75 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा।

 
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जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस समारोह - फोटो : बासित जरगर
उपराज्यपाल सिन्हा ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें अपने देश की स्वतंत्रता और अखंडता के संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रेरित करता है। साथ ही गरीबी मुक्त, बीमारी मुक्त और अशिक्षा मुक्त समाज का निर्माण करता है।

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जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस समारोह - फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोगों ने विभाजन के दौरान राष्ट्रीय एकीकरण को बरकरार रखा था। यह स्थान ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह और ब्रिगेडियर उस्मान जैसे बहादुरों के लिए याद किया जाता है।  ऋषि कश्यप, पैगंबर मोहम्मद, गुरु नानक और बुद्ध को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमें धार्मिक समावेश की इस विरासत को आगे बढ़ाना होगा।

 
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जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस समारोह - फोटो : बासित जरगर
उपराज्यपाल ने कल्हण की राजतरंगिणी से लेकर शंकराचार्य के अद्वैत तक, सूफी इस्लाम, महायान के बौद्ध दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर की परंपरा को याद किया, जो इस भूमि के निवासियों में शांतिपूर्ण और समकालिक सह-अस्तित्व में परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि युवाओं में परिवर्तन की शक्ति है।
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