-35 डिग्री तापमान, जमी नदी और झरने के बीच एडवेंचर के शौकीनों के लिए जन्नत है चादर ट्रैक
Sun, 12 Feb 2017 08:35 PM IST
एस खजूरिया,अमर उजाला/जम्मू
chadar trek
- फोटो : Amar Ujala
कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन, बर्फीला रेगिस्तान कहे जाने वाले लद्दाख का चादर ट्रैक एडवेंचर प्रेमियों के लिए रोमांचकारी जन्नत है।
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- फोटो : Amar Ujala
करीब तीन दशक बाद भारी बर्फबारी से इस साल चादर ट्रैक का आकर्षण और भी बढ़ गया है। जोखिम में रोमांच खोजने वालों की संख्या इस मर्तबा कई गुना हो गई है।
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- फोटो : Amar Ujala
खून जमा देने वाली ठंड में एडवेंचर प्रेमियों की टोलियां बर्फ के बनते-घुलते संसार से गुजरने के यादगार लमहे संजो रहीं हैं।
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- फोटो : Amar Ujala
दरअसल, एडवेंचर प्रेमियों की टोलियां यहां जनवरी-फरवरी में -15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान -35 डिग्री की चुनौती से जूझने पहुंचने लगतीं हैं।
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- फोटो : Amar Ujala
जंस्कार नदी पर जमी बर्फ से तैयार होने वाले ट्रैक पर कहीं झरनों की धाराएं जमीं नजर आती हैं तो कहीं नदी की सफेद सपाट सतह।
chadar trek
- फोटो : Amar Ujala
रोमांच से भरे चादर ट्रैक पर ट्रैकरों का जमावड़ा लगता है, जो ठंड की शिद्दत में भी जोखिम भरी मौज मस्ती करते हैं।
chadar trek
- फोटो : Amar Ujala
एडवेंचर प्रेमियों की मानें तो वीरान पहाड़ और शीशे सरीखे बर्फ की चादर से गुजरने का एहसास ही अलग है।
jammu to leh flight
- फोटो : Amar Ujala
हाल ही में चादर ट्रैक पर सम्मिट पूरा कर लौटे ट्रैकर्स में शामिल कठुआ के भानु प्रताप ने बताया कि चादर ट्रैक रोमांच का सफर है।
jammu to leh flight
- फोटो : Amar Ujala
इसमें जोखिम तो है ही, साथ ही एक ऐसी दुनिया में कदम रखने का अनुभव मिलता है जहां कोई भी कुछ समय सिर्फ खुद के साथ बिता सकता है।
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- फोटो : Amar Ujala
विषम परिस्थितियों में भी खुद को संभालना और सम्मिट को पूरा करना मानो किसी सपने के पूरा होने जैसा है।