जम्मू संभाग में बसोहली के पुरथु इलाके के साथ लगती रणजीत सागर झील में दुर्घटनाग्रस्त हुए सेना के ध्रुव हेलिकॉप्टर का अधिकांश मलबा हादसे के 36 दिन बाद निकाल लिया गया। हालांकि, को-पायलट कैप्टन जयंत जोशी का अभी भी कुछ पता नहीं चल पाया है। जबकि पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल अभीत सिंह बाठ का शव 15 अगस्त को ढूंढ निकाला गया था। नौसेना ने हेलिकॉप्टर की तलाश में लगाए गए आधुनिक यंत्रों से पहले हेलिकॉप्टर की स्थिति का अंदाजा लगाया गया और दोपहर 2:30 बजे उसके मलबे को बाहर निकाल लिया गया। सेना ने अभी अपना बचाव अभियान बंद नहीं किया है।
बता दें, भारतीय सेना के थलसेना, वायुसेना और जलसेना के विशेषज्ञों के अलावा एनडीआरएफ और मार्कोस कमांडो की अलग-अलग टीमें लगातार झील में उतरकर जांच कर रही हैं। तीन अगस्त को मामून कैंट से उक्त हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी थी, जोकि एरिया में घने जंगल और झील के इर्द-गिर्द एरिया में रुटीन उड़ान पर था।