फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PICS: पलभर में तबाह हो गए 238 आशियानें, राख में कैसे उम्मीदें खोजते रहे लोग

Sun, 27 Nov 2016 01:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
विज्ञापन
1 of 7
NARWAL - फोटो : अमर उजाला
हर तरफ बिखरी राख। उठते धुएं के बीच बैठकर उजड़े आशियानों को देखते लोग। इस उम्मीद में कि कहीं कुछ बचा हुआ मिल जाए। कुछ महिलाएं राख हटाकर उसमें से बचे हुए राशन के चावल निकाल रही थीं। बच्चे अपनी जली हुई किताबों को इकट्ठा कर रहे थे। जगह-जगह लोग सिर पर हाथ रखकर यही सोच रहे थे कि यह क्या हो गया। यह मंजर नरवाल अग्निकांड की अगली सुबह शनिवार के बाद का है। 
विज्ञापन

2 of 7
NARWAL - फोटो : अमर उजाला
हादसे में कुल 53 परिवारों में रहने वाले 238 लोग बेघर हो गए हैं। इनमें आधी संख्या मासूम बच्चों की है। इस अग्निकांड में लोग सिर्फ अपने तन पर लगे हुए कपड़ों को ही बचा पाए। बाकी का सारा सामान जलकर राख हो गया। रात होने की वजह से सब लोग सो रहे थे। 
 
विज्ञापन

3 of 7
NARWAL - फोटो : अमर उजाला
आग की जानकारी पाकर ही हर कोई बस अपनी जान बचाने की कोशिश में लगा रहा। शनिवार सुबह होने पर यहां रहने वाले झुग्गियों में पहुंचे। हर कोई अपनी जली हुई झुग्गी में बैठा हुआ था। कोई जले हुए बर्तन। 
 

4 of 7
NARWAL - फोटो : Amar Ujala
कोई लोहे की तारें और कोई चंद सिक्के। अपने बच्चे के साथ बैठी राबिया हातून का कहना है कि वह अपने दो बच्चों के साथ झुग्गी में सो रही थी। उसका बच्चा भी साथ था। 
 
विज्ञापन

5 of 7
NARWAL - फोटो : Amar Ujala
रहीदा बेगम अपने पति और चार बच्चों के साथ सो रही थी। तभी शोर सुनकर बाहर आई। देखा कि आग फैलती हुई उनकी झुग्गी की तरफ आ रही थी। उसके होश उड़ गए। तुरंत बच्चों और अपने पति को उठाकर झुग्गी से बाहर निकाला। 
 
विज्ञापन

6 of 7
NARWAL - फोटो : Amar Ujala
रहीदा का कहना है कि सामान बचाने की हिम्मत नहीं हुई। ऐसा करते तो खुद नहीं बचते। ऐसा सबका कहना है। सभी लोगों का कहना है कि यदि सामान बचाने की कोशिश करते तो जान गवां देते। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
NARWAL - फोटो : Amar Ujala
झुग्गियों में एक मदरसा भी चलता था। सुबह होने पर जब लोग झुग्गियों में पहुंचे। कई बच्चे अपनी झुग्गी में जली हुई किताबों में कुछ बची हुई किताबों को निकाल रहे थे। मोहम्मद जावेद भी मदरसे में पढ़ता है। उसका कहना है कि घर जल गया। सब सामान जल गया। उसकी किताबें भी जल गईं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें