कोरोना की दूसरी लहर में अपने पिता को खो चुके जम्मू शहर में शिव नगर तालाब तिल्लो निवासी अजीत सिंह ने फादर्स-डे पर जरूरतमंदों की मदद करके अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। वह बताते हैं कि उनके पिता दिव्यांग थे। इसके बावजूद उसे और भाई को एक हाथ से साइकिल चलाकर स्कूल छोड़ने और लेने जाते थे। बचपन में दोनों भाइयों को साइकिल भी सिखाई।
अजीत ने बताया कि गत 27 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित उनके पिता स्व. जोगेंद्र सिंह (78) को ऑक्सीजन की कमी होने पर सीडी और जीएमसी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दोनों ही जगह समय पर ऑक्सीजन न मिलने से उनकी मौत हो गई। पिता के साथ परमात्मा की तरह लगाव था। पिछले फादर्स-डे पर उन्हें पैंट कोर्ट दिया था जो आज भी मेरे पास है और पिता जी की याद दिलाता है। संक्रमण में अपनों को खोने का उन्हें जिंदगी भर मलाल रहेगा। हालांकि अपने पिता की मौत के लिए अजीत स्वास्थ्य विभाग की ढुलमुल कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराते हैं।