चारों ओर खुशनुमा माहौल, अपनों के बीच चहल-पहल, चेहरों पर उमंग और उत्साह। मौका था जगती टाउनशिप में शुरू हुए कश्मीरी पंडित फूड, कल्चर व क्राफ्ट उत्सव का। कश्मीरी पंडितों ने दिखाया कि तीस साल के आतंकवाद और अन्य विकट परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी कश्मीरियत को खुद से अलग नहीं किया है। वही हसीन वादियों वाली संस्कृति और विरासत की बखूबी झलक दिखी। खासतौर पर उत्सव में विरासती बर्तनों को देखकर पंडितों को अपनों की याद आ गई। इन बर्तनों की नक्काशी में उनकी संस्कृति छिपी हुई थी। उत्सव में पंडितों के शादी समारोह से लेकर वटुक पूजा की आस्था दिखाई गई।