पर्यटन उद्योग कश्मीर
ट्रैवेल एजेंट तौशीफ मीर का कहना है कि मेरे कर्मचारियों का प्रति माह वेतन का खर्च एक लाख रुपये से अधिक है। जो भी स्थिति हो हमें उन्हें भुगतान करना होगा, क्योंकि यह मेरा नैतिक दायित्व है। ऐसे समय में हम उन्हें छोड़ भी नहीं सकते । घाटी में अर्थव्यवस्था पहले से ही संघर्ष कर रही थी वर्तमान माहौल ने इस पर कील ठोंक दी।