कोरोना की दूसरी लहर में आए दिन मरीजों की मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। संक्रमितों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। घरों में आइसोलेशन में रहकर लोग उपचार कर रहे हैं। ऐसे में लोगों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। लेकिन कोरोना महामारी का यह दौर अस्थायी है। बस यही अपने मस्तिष्क और दिल को हर व्यक्ति को समझाना चाहिए।
जीएमसी जम्मू के पेन एंड पेलिएटिव केयर विशेषज्ञ डॉ रोहित लाहोरी के अनुसार इस काल में सरकार ने कोविड कर्फ्यू हो या वर्क फ्रॉम होम की सुविधा लोगों को दी हुई है। निजी कंपनियां भी कर्मचारियों से घर से काम करवा रही हैं। जो कर्मचारी दिन भर परिवार के सदस्यों को दिखते नहीं थे, वह अब घर पर पूरा दिन रह रहे हैं। कोरोना काल को त्रासदी नहीं मौका समझना चाहिए। तभी इस दौर से आसानी से पार पाया जा सकेगा। परिवार के साथ खुशी व गम दोनों को बांटना चाहिए तभी तन हल्का होगा। संयम व शांत रहकर इस दौर के गुजरने का इंतजार करना चाहिए और मास्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी के नियम का पालन कड़ाई से करना चाहिए।