पहली कोविड लहर की तुलना में पांच माह में ही दूसरी लहर ने जम्मू कश्मीर में जमकर तबाही मचाई। प्रतिदिन हजारों कोविड संक्रमित मामले आने के साथ 70 से 80 लोगों की दैनिक जान जाती रही। इन पांच महीनों में ही अब तक 2380 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है जो पिछले 12 माह की तुलना में कई गुणा अधिक थी। सिर पर कोविड महामारी के पड़ने पर समाज में कुछ बदलाव देखा गया, लेकिन संक्रमण का प्रसार कम होने के बाद अब दोबारा पहले जैसे हालात बनने लगे हैं। बाजारों में सामाजिक दूरी की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं, लोग नियमित हाथ धोने की आदत भूल गए हैं, बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो अपनी दिनचर्या में मास्क न पहनकर कोविड की तीसरी लहर को न्योता देने का काम कर रहे हैं। कोविड विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियां जुलाई या अगस्त में संक्रमण के प्रसार को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। मार्च 2020 में जम्मू कश्मीर में कोविड की पहली लहर ने दस्तक दी थी। इसके बाद 12 महीने तक इसका प्रकोप रहा और फरवरी 2021 में संक्रमण का प्रसार शांत हुआ। लेकिन मार्च के मध्य के बाद दोबारा संक्रमण का प्रसार हुआ और दूसरी लहर में अधिकतर मौतें और संक्रमित मामले आने पर स्वास्थ्य ढांचा भी चरमरा गया। हालांकि जम्मू कश्मीर में ऑक्सीजन का अधिक संकट नहीं रहा। अब कोविड की तीसरी लहर की आशंका के बीच इसके डेल्टा प्लस जैसे नए वैरियंट ने चिंता और बढ़ादी है। ऐसे वैरियंट पिछली दो लहरों के वैरियंट की तुलना में काफी घातक हैं। ये मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर तेजी से हमला करके उन्हें बेकार करने की क्षमता रखते हैं।