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जश्न-ए-आजादी: जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस की धूम, बुरहान वानी के पिता ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज

Sun, 15 Aug 2021 11:01 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बुरहान वानी के पिता मुज़फ्फर वानी - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर घाटी में 75वें स्वतंत्रता दिवस पर एक अलग सा बदलाव और एक अलग माहौल देखने को मिल रहा है। घाटी में जगह-जगह लहराते तिरंगे और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं वाले होर्डिंग्स एक अलग ही अहसास दिला रहे हैं। लोगों में राष्ट्रवाद की भावना झलक रही है। लोग खुले आम तिरंगा उठाए दिख रहे हैं चाहे वो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित की गई तिरंगा रैलियां हो या फिर आजादी के अमृत महोत्सव के कार्यक्रम। लोग खुलकर भाग ले रहे हैं। श्रीनगर के सिटी सेंटर लाल चौक में स्थित घंटा घर तिरंगे के रंग में लिप्त दिखा।

श्रीनगर नगर निगम के मेयर जुनैद मट्टू ने निगम कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। श्रीनगर में उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और जम्मू में सलाहकार राजीव राय भटनागर ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। जिला मुख्यालयों और अन्य जगहों पर तिरंगा फहराया गया। 18 जिला मुख्यालयों में इस बार डीसी की जगह डीडीसी अध्यक्षों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

वहीं, आतंक के पर्याय रहे बुरहान वानी के पिता मुज़फ्फर वानी ने गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल त्राल में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। विद्यालय में कार्यक्रम के दौरान सभी अध्यापक भी मौजूद रहें। बता दें कि बुरहान ने 16 साल की उम्र में आतंक का रास्ता अपना लिया था। घाटी स्थित आतंकी संगठन हिजबुल के संपर्क में आने के बाद बुरहान को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजा गया था। सुरक्षाबलों के लिए मन में नफरत रखने वाला यह आतंकी 2010 में हिजबुल में शामिल हुआ था।
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बुरहान वानी - फोटो : सोशल मीडिया
पाकिस्तान से वापस कश्मीर आकर बुरहान ने घाटी के युवाओं को फुसलाकर आतंक के रास्ते पर लाना शुरू कर दिया था। एक के बाद एक कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने के चलते यह जल्दी ही आतंक का आका बन गया था।

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बुरहान वानी - फोटो : सोशल मीडिया
बुरहान युवाओं को सुरक्षाबलों के हथियार छीनने के लिए उकसाता था। इसके पीछे मकसद यह होता था कि एक बार हथियार छीनने की घटना में शामिल होने के बाद युवा वापस मुख्यधारा में लौट नहीं सकेंगे। उसके ग्रुप में कुछ भगोड़े पुलिसकर्मी भी शामिल थे।

 

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बुरहान वानी - फोटो : सोशल मीडिया
बुहरान कश्मीर घाटी का पहला ऐसा आतंकी था जिसने आतंकवाद की पौध रोपने के लिए सोशल मीडिया का जमकर उपयोग किया। 
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बुरहान वानी - फोटो : सोशल मीडिया
बुरहान वानी पाकिस्तान में बैठे हिजबुल के आकाओं के इशारों पर न चलते हुए अपना अलग ही दबदबा कायम करना चाहता था। बुरहान ने दक्षिण कश्मीर में त्राल के जंगल के ऊपरी इलाकों में हाइडआउट बनाकर रखा था। उसके ब्रिगेड में शामिल होने वाले युवाओं को हथियारों का प्रशिक्षण भी इन्हीं पहाड़ी इलाकों में दिया जाता था।
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