अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम आए सैलाब के बाद से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का तीसरा दिन मायूसी में गुजरा। रेस्क्यू दलों ने मलबा, पानी, बर्फ से लेकर नालों को छान मारा, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं लगा। इतने लंबे समय तक बर्फीले पानी में या फिर मलबे में फंसे होने पर किसी के जिंदा बचने की संभावना कम होती जा रही है।
स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेना ने अत्याधुनिक उपकरणों और भारी मशीनों को भी खोज अभियान में लगाया है। डॉग स्क्वायड जहां भी संकेत दे रहा है, वहां खोदाई की जा रही है। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, लापता लोगों को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं। सैलाब में जिस तरह से मलबा आया है, उसमें फंसने वाले का इतने वक्त तक बचना बेहद मुश्किल है। कोई जीवित बचता है तो यह सिर्फ करिश्मा ही हो सकता है।