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अमरनाथ में तबाही की दस तस्वीरें: तांडव मचा रहा था सैलाब, रेस्क्यू दल ने कई लोगों को मौत के चंगुल से ऐसे निकाला

Sun, 10 Jul 2022 01:40 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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अमरनाथ हादसे के बाद सेना का बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
अमरनाथ गुफा के पास आए सैलाब की चपेट में आए 16 लोगों के शव बरामद हो गए हैं। शनिवार को लोअर संगम से सोलहवां शव बरामद किया गया। पांच मृतकों की पहचान हो गई है। इनमें तीन राजस्थान और दो दिल्ली के रहने वाले थे। 40 से अधिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। शुक्रवार शाम से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में शनिवार तड़के करीब चार बजे तक 15 हजार यात्रियों को पवित्र गुफा के आसपास और यात्रा मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया। अब तक 63 घायलों में से 11 को एयरलिफ्ट कर स्किम्स श्रीनगर ले जाया गया है। शनिवार को पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट से किसी भी यात्री को जाने की अनुमति नहीं दी गई। 
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अमरनाथ हादसे के बाद सेना का बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
इस बीच कड़ी सुरक्षा के साथ आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से 6047 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना किया गया। रविवार भी पवित्र गुफा के आसपास लापता यात्रियों की खोज के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में माउंटेन रेस्क्यू टीमें और लुकआउट पेट्रोलिंग पार्टी के जवान अत्याधुनिक उपकरणों से लापता लोगों की तलाश में लगे हैं।
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अमरनाथ हादसे के बाद सेना का बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
सेना के हेलिकॉप्टर से घायलों को अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है। कुछ टीमों को यात्रा मार्ग पूरी तरह से बहाल करने के लिए लगाया गया है। बालटाल में छह हजार से अधिक यात्री रुके हुए हैं। इसी तरह नुनवान पहलगाम आधार शिविर पर भी हजारों श्रद्धालुओं का जमावड़ा है। जिन यात्रियों को पवित्र गुफा से सुरक्षित निकाला गया है उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

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अमरनाथ हादसे के बाद सेना का बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
घायलों को उचित इलाज दिया जा रहा है। बालटाल से एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि उनके पास अधिक लोगों के लापता होने की शिकायत नहीं आ रही है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि अधिक यात्री लापता नहीं होंगे। 

 
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अमरनाथ हादसे के बाद सेना का बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
मृतकों की पहचान
मोहन लाल बधहावा और सुनीता बधहावा दोनों निवासी गंगानगर राजस्थान, वी रमति (62) निवासी आंबेडकर नगर मदनजीर, साउथ दिल्ली, प्रकाशी (57) निवासी मदनजीर आंबेडकर नगर और सुशील खत्री निवासी राजस्थान ए-1 मानसरोवर श्रीगंगानगर
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अमरनाथ हादसे के बाद सेना का बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
छह फीट तक जमा है मलबा
अमरनाथ गुफा के ऊपर से आया पानी अपने साथ मिट्टी और पत्थर भी लाया। इससे नाले के पास छह फीट तक मलबा जमा हो गया है। बताया जा रहा है कि मलबे ने ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। ज्यादा लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई है। लापता लोगों की खोज में भी यही मलबा बाधा बन रहा है।
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अमरनाथ हादसे की चश्मदीद - फोटो : एएनआई
सैलाब के बीच जवानों ने कहा, पहाड़ से चिपक जाओ... उन्होंने एक-एक कदम पर हमें सुरक्षा दी। हमें अपनी आर्मी ने बचाया। उन्हें शत-शत नमन, शत-शत नमन... अमरनाथ हादसे में फंसे बुजुर्ग दंपती रेस्क्यू ऑपरेशन के इन लम्हों को बयान करते हुए भावुक हो गए। कभी सैल्यूट तो कही हाथ जोड़कर आभार जताती महिला की आंखों से आंसू भी निकल आए। वहीं, मलबे के बीच से ऐन मौके पर निकाला गया एक यात्री बदहवासी में अपनी हालत पर फफक पड़ा। जवानों ने उसे दिलासा दिया कि वह ठीक है, सबकुछ ठीक हो जाएगा। इसके बाद वह सामान्य हुआ।   

 

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अमरनाथ हादसे के बाद सेना का बचाव दल - फोटो : अमर उजाला
अमरनाथ गुफा के पास तांडव मचा रहे सैलाब के बीच देवदूत बनकर पहुंचे रेस्क्यू दल के सदस्यों ने ऐसे कई यात्रियों को मौत के चंगुल से बाहर निकाला। गुफा के सामने टेंट सिटी में बाढ़ से लेकर यात्रा रूट पर उफनते नालों के बीच से यात्रियों को एक-एक कर यात्री खतरे से बाहर निकाले गए। किसी को मलबे के बीच से खींचकर निकाला गया तो किसी को उठाकर ले जाया गया।

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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद मची तबाही - फोटो : संवाद
उत्तर प्रदेश के हरदोई से अरविंद अस्थाना ने कहा कि बिजली की गड़गड़ाहट के कुछ देर बाद पानी का सैलाब आ गया था। सुरक्षाबलों की मदद से हम नौ लोग सुरक्षित निकल आए लेकिन हमने पांच से छह लोगों को बहते देखा।
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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद मची तबाही - फोटो : संवाद
कई बैग और टेंट भी उस सैलाब में समा गए। पुणे महाराष्ट्र से आए रवि ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में जवानों ने कई जानें बचा ली हैं। उन्हें देखकर हमारा मनोबल भी बढ़ गया है। हम प्रार्थना करते हैं कि लापता लोग भी सुरक्षित मिल जाएं।
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