आतंकवाद के दौर में श्रीनगर में 390 कश्मीरी पंडितों को दबाव में अपनी संपत्तियों को बेचना पड़ा। सरकार की ओर से ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल का शुभारंभ करने के 22 दिन के भीतर 660 पंडितों ने संपत्तियों को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें दबाव में संपत्तियों को बेचने की हैं। इतना ही नहीं पंडितों की संपत्ति हड़पने के लिए राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ किए जाने का भी मामला सामने आया है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ज्ञात हो कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने आठ सितंबर को ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया था। संबंधित डीसी को विस्थापितों की संपत्तियों का कस्टोडियन बनाते हुए प्राप्त होने वाली शिकायतों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने की हिदायत दी गई थी। ऑनलाइन पोर्टल पर श्रीनगर से जुड़ी 660 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 390 दबाव में और धोखाधड़ी से संपत्तियां बेचने की हैं। 129 शिकायतें पंडितों की संपत्ति पर अतिक्रमण से जुड़ी हैं जिनका जिला प्रशासन ने भौतिक सत्यापन कराया। ऐसे 20 मामलों में संपत्तियों को चिह्नित करने के साथ ही खाली करने का नोटिस जारी किया गया। हालांकि, 12 मामले हाईकोर्ट में लंबित हैं।