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J&K: बलिदानी बेटे की तस्वीर को मां ने सीने से लगाया, मसरूर को देख बिलख उठी गर्भवती पत्नी..सभी की आंखें हुई नम

Fri, 08 Dec 2023 03:23 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

डीपीएल श्रीनगर में पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी के पार्थिव शरीर को आखिरी सलामी दी। इंस्पेक्टर मसरूर के पिता, भाई और अन्य परिजनों ने भी उन्हें नम आंखों के साथ विदाई दी।
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इंस्पेक्ट मसरूर के परिजन विदाई देने पहुंचे - फोटो : बासित जरगर
श्रीनगर में आतंकी हमले में घायल हुए इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी ने 39 दिन बाद गुरुवार को नई दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर नई दिल्ली से श्रीनगर लाया गया। डीपीएल श्रीनगर में पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने उन्हें आखिरी सलामी दी। इंस्पेक्टर मसरूर के माता-पिता, भाई, पत्नी और अन्य परिजनों ने भी उन्हें नम आंखों के साथ विदाई दी। जब पुलिस अधिकारी मसरूर के परिजन उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे तो वे खुद के आंसुओं को रोक नहीं पाए। बिलखते हुए परिजनों को पुलिसकर्मियों ने सहारा दिया। यह दृश्य झकझोर देने वाले थे। इन दृश्यों ने डीपीएल में मौजूद लोगों की आंखों में पानी ला दिया।
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इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी के पार्थिव शरीर को लाते हुए - फोटो : बासित जरगर
इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी की मौत के बाद उनके घर सांत्वना देने के लिए सैकड़ों लोग पहुंचे। पति की मौत से उनकी पत्नी पूरी तरह से टूट चुकी हैं और रो-रोकर बुरा हाल है। गमगीन पत्नी ने कहा, मेरा बच्चा पैदा होने से पहले ही अनाथ हो गया।

 
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इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए एडीजीपी विजय कुमार - फोटो : बासित जरगर
34 साल के इंस्पेक्टर मसरूर पिता बनने वाले थे। उनके घर खुशियां आने वाली थीं और पहले बच्चे के आने का हर किसी को इंतजार था लेकिन 39 दिन पहले हुई आतंकी वारदात ने सब खुशियों को गम में बदल दिया।
 

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इंस्पेक्टर मसरूर के पिता उन्हें आखिरी सलामी देने जाते हुए - फोटो : बासित जरगर
करीब एक महीने पहले इंस्पेक्टर मसरूर श्रीनगर में क्रिकेट खेल रहे थे कि तभी एक आतंकवादी हमले में उन्हें गोलियां मार दीं। शहर के डाउनटाउन में ईदगाह की भीड़भाड़ वाली कॉलोनी में उनकी मौत की सूचना से गमगीन माहौल था और दृश्य हृदय विदारक था। यहां शोक मनाने वाले लोग उनकी दुखी पत्नी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे थे।
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इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी को आखिरी सलामी देते हुए - फोटो : बासित जरगर
क्रिकेट के दीवाने, मिलनसार और दयालु थे वानी

चाचा गुलाम मोहम्मद वानी के मुताबिक, सीने में गंभीर संक्रमण के कारण वानी की तबीयत बिगड़ गई थी। शुरुआत में, उन्हें श्रीनगर के सौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में आगे के इलाज के लिए पारस अस्पताल में रैफर कर दिया गया, जहां से उन्हें बुधवार को दिल्ली के एम्स ले जाया गया। 
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इंस्पेक्टर मसरूर अहमद वानी को आखिरी सलामी देने पहुंचे - फोटो : बासित जरगर
उन्हें एक मिलनसार और दयालु व्यक्ति के रूप में याद किया जाता है और वह हमेशा दूसरों की सहायता करने की इच्छा व्यक्त करते थे। रिश्तेदार गुलाम नबी काकाजगर ने कहा, मसरूर बहुत स्पष्टवादी थे। वह हमेशा लोगों की मदद करते थे। हम बहुत दुखी हैं। वह क्रिकेट का दीवाना था। वानी की मौत ने समुदाय को झकझोर कर रख दिया है।
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इंस्पेक्ट मसरूर के परिजन विलाप करते हुए - फोटो : बासित जरगर
29 अक्तूबर, रविवार के दिन पुलिस इंस्पेक्टर मसरूर अहमद श्रीनगर शहर के ईदगाह के खेल मैदान में क्रिकेट खेलने के लिए पहुंचे थे। खेल के बीच आतंकियों ने उन्हें करीब से निशाना बनाते हुए एक के बाद एक तीन गोलियां दागीं। हमले को अंजाम देकर आतंकी मौके से भाग निकले। गोली की आवाज सुनकर मैदान में भगदड़ मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायल पुलिस अधिकारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। यहां से आगामी उपचार के लिए उन्हें दिल्ली एम्स में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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